UP Board Exams 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में हाईस्कूल (10वीं कक्षा) और इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, बोर्ड ने पहले जारी शेड्यूल में भी बदलाव किया है। बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल अपने संसाधन और इंफ्रास्ट्रक्चर का विवरण 24 अगस्त तक अपलोड कर सकेंगे। स्कूल की सुविधाओं का प्रत्यक्ष सत्यापन, आपत्ति मांगने और उनका निपटारा करने और परीक्षा केंद्रों को फाइनल करने की तारीखें भी बढ़ा दी गई हैं।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी किए गए बदले हुए कार्यक्रम के अनुसार, प्रिंसिपल द्वारा बोर्ड पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा बनाई गई तहसील स्तर की कमेटियां 3 सितंबर तक प्रत्यक्ष रूप से सत्यापित करेंगी। डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स (DIOS) के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर वेरिफिकेशन रिपोर्ट अपलोड करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर तय की गई है। तारीखों में यह बदलाव उन रिपोर्ट्स के बाद किया गया है, जिनमें कहा गया था कि कई डीआईओएस कार्यालयों ने 647 स्कूलों से जुड़े वेरिफिकेशन डॉक्यूमेंट्स निर्धारित समयसीमा के अंदर अपलोड नहीं किए थे।
चुने गए परीक्षा केंद्रों की सूची, स्कूल-वाइज छात्र आवंटन के साथ, जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीस समिति द्वारा स्क्रूटनी के लिए 21 सितंबर को ऑनलाइन दिखाई जाएगी। प्रिंसिपल 28 सितंबर तक लिस्ट की जांच कर सकेंगे और आपत्ति दे सकेंगे।
जिला स्तरीय समिति इन आपत्तियों पर विचार करेगी और उनका निपटारा करेगी और 8 अक्टूबर तक डीआईओएस के जरिए अपनी अप्रूवल रिपोर्ट भेजेगी। रिवाइज्ड लिस्ट बाद में 17 अक्टूबर को सार्वजनिक सूचना के लिए पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिससे सभी पक्ष आगे ऑब्जेक्शन उठा सकेंगे। यूपी बोर्ड केंद्रों को फाइनल करने से पहले इन आपत्तियों की जांच करेगा। छात्र आवंटन सहित अंतिम सूवी 29 अक्टूबर को बोर्ड वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
यूपी बोर्ड हर साल बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 2027 में भी परीक्षा केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के माध्यम से केंद्रों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने से मनमाने तरीके से परीक्षा केंद्र बनाए जाने की आशंका कम होगी। बोर्ड का मकसद परीक्षा को निष्पक्ष और नकल विहीन तरीके से कराना है।