UP Board Pre-Board 2026: आज से शुरू हुआ बोर्ड परीक्षा का रिहर्सल, जानें प्री-बोर्ड के पहले दिन 10वीं-12वीं के छात्रों ने कौन सी परीक्षा दी

UP Board Pre-Board 2026: यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के आज से प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। ये परीक्षा बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर आयोजित की जा रही है। इसलिए इन्हें बोर्ड परीक्षाओं का रिहर्सल कहा जा रहा है।

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 9:02 PM
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बोर्ड ने इन परीक्षाओं को मुख्य बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर कराने का फैसला किया है।

UP Board Pre-Board 2026: शैक्षिक सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) से हाईस्कूल (10वीं कक्षा) और इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) की बोर्ड परीक्षा देने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आज से प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। बोर्ड ने इन परीक्षाओं को मुख्य बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर कराने का फैसला किया है। इसलिए इन्हें फाइनल बोर्ड परीक्षा का रिहर्सल कहा जा रहा है। इन परीक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी सहित सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस तरह के प्रबंध का मकसद छात्रों को अंतिम परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है। ताकि छात्र फाइनल बोर्ड परीक्षा में डर या घबराहट का अनुभव न करें।

इस लिहाज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए गुरुवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। प्री बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल के छात्रों ने जहां पहले दिन हिंदी की परीक्षा दी, वहीं इंटरमीडिएट छात्रों ने सिविक्स का पेपर दिया। इस दौरान राज्य के स्कूलों में सुबह से ही भारी गहमागहमी देखने को मिली। बोर्ड के निर्देशानुसार छात्रों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। मुख्य बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर छात्रों को प्रश्न पत्र वितरित किए गए और कक्ष निरीक्षक की नियुक्ति भी उसी तरह से की गई थी।

परीक्षा के दौरान छात्रों ने भी गंभीरता का परिचय दिया। परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना और परीक्षा कक्ष में शांति और अनुशासन बनाए रखने में पूरा योगदान दिया। प्री बोर्ड परीक्षा के पहले दिन कक्ष निरीक्षक अपनी ड्यूटी को लेकर काफी मुस्तैद दिखे और प्रधानाचार्य खुद भी विभिन्न कक्षाओं का दौरा करते रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं का मकसद छात्रों को मुख्य बोर्ड परीक्षा के लिए मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करना है। इस परीक्षा के माध्यम से छात्र स्वयं का आकलन कर सकेंगे। उन्हें अपनी कमियों का पता चलेगा, जिन्हें समय रहते दूर कर वे मुख्य परीक्षा में बेहतर अंक हासिल कर सकते हैं।

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