UP Council School: उत्तर प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय स्कूलों में आज से पहले सत्र की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं, जो 23 अगस्त तक चलेंगी। ये स्कूल परिषदीय और मान्यता प्राप्त कक्षा एक से आठ तक के करीब डेढ़ लाख छात्र इसमें हिस्सा लेंगे। राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले से ही इसकी पूरी तैयारी कर ली थी और आज यानी सोमवार से सवा लाख से अधिक स्कूलों में क्रियान्वयन किया गया है।
परीक्षा के संदर्भ में बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से निर्देश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जुलाई तक पूरे कराए गए पाठ्यक्रम से संबंधित सवालों के आधार पेपर तैयार किया जाएगा। यह परीक्षाएं स्कूलों के प्रधानाध्यापक की देखरेख में कराई जा रही हैं और इसका प्रश्न पत्र हर स्कूल के प्रिंसिपल और प्रभारी ने तैयार किया है। वहीं बच्चों की कॉपियों की चेकिंग सब्जेक्ट टीचर या क्लास टीचर करेंगे। इसके साथ ही परीक्षा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक तय दिन पर अभिभावकों को स्कूल बुलाया जाएगा। ये आमतौर पर स्कूलों में होने वाली पेरेंट्स टीचर मीटिंग की तरह होगा, जिसमें बच्चों की पढ़ाई और स्कूल में उनकी तरक्की के बारे में बताया जाएगा।
इसमें शिक्षक सिर्फ छात्रों की कॉपियां ही नहीं दिखाएंगे, बल्कि कमजोर छात्रों पर खासतौर से बात करेंगे। इसका मकसद उन्हें अतिरिक्त अभ्यास के जरिए पढ़ाई के अपेक्षित स्तर तक पहुंचाना है। कक्षा में ऐसे छात्र-छात्राओं को चिह्नित कर विषय की तैयारी, रिविजन वगैरह समय से कराया जाएगा। उन्होंने कहा है कि परीक्षा का आयोजन पूरी शुचिता व पारदर्शिता के साथ किया जाए। ताकि बच्चों में मिलने वाली कमियों को दूर कराया जा सके।बता दें, परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। परीक्षा पर आने वाले खर्च की पूर्ति कंपोजिट ग्रांट से की जाएगी। परीक्षा संबंधी सभी डॉक्युमें स्कूल में सुरक्षित रखे जाएंगे।