Vivo Ignite 2025: वीवो इंडिया ने अपने एजुकेशन इनीशिएटिव 'वीवो इग्नाइट: टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन इनिशिएटिव' के तीसरे संस्करण के राष्ट्रीय विजेताओं की घोषणा की है। इसके तहत कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों को रियल वर्ल्ड की चुनौतियों के समाधान के उद्देश्य से बनाए गए टेक्निकल प्रोजेक्ट्स के लिए कुल लगभग ₹35 लाख की स्कॉलरशिप प्रदान की गई। बता दें कि वीवो इंडिया CIET-NCERT, IITM प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और UN ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया के सहयोग से ये इनिशिएटिव चलाती है।
15 जून को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल लेवल के फाइनल में देश भर से 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस साल के संस्करण में 660 जिलों के 9,000 से अधिक स्कूलों से 37,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए और 5,600 से अधिक प्रोजेक्ट जमा किए गए। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले दोगुना है।
शीर्ष विजेता और उनके प्रोजेक्ट्स
फर्स्ट रैंक: ओडिशा के नौवीं कक्षा के छात्र प्रतीक सेठी को उनके प्रोजेक्ट 'AI पावर्ड क्रिमिनल एक्टिविटी डिटेक्शन थ्रू सेंसर-लेस सेंसिंग' के लिए पहला पुरस्कार मिला। उनका सिस्टम कैमरे या निगरानी उपकरणों पर निर्भर हुए बिना असामान्य गतिविधि का पता लगाने के लिए वाई-फाई सिग्नल का उपयोग करता है। इसके लिए उन्हें ₹4 लाख की स्कॉलरशिप मिली।
2nd रैंक: देवांश पटेल, वीर मानवर और कवन पटेल द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट 'आर्मएक्स – स्मार्ट रिहैबिलिटेशन सिस्टम' को दूसरा स्थान मिला। यह एक दस्ताने और रोबोटिक आर्म सिस्टम का उपयोग करके हाथ की गति के पुनर्वास को सक्षम बनाता है। इस टीम को ₹6 लाख की स्कॉलरशिप मिली।
3rd रैंक: सफिन मलिक, सिरसा नस्कर और अगामनी पांडे को उनके प्रोजेक्ट 'ग्रीन रन फॉर ग्रीन सोल्स' के लिए ₹4.5 लाख की स्कॉलरशिप मिली। यह रिन्यूएबल विंड एनर्जी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की अवधारणा पर आधारित है।
4th रैंक: कुशल अभय, वंशिका के.एस. और धृति कन्नन को उनके 'आर्डुइनो-बेस्ड एलपीजी गैस लीकेज डिटेक्शन एंड प्रिवेंशन सिस्टम' के लिए ₹3 लाख प्राप्त हुए।
5th रैंक: अबीर गोसाईं द्वारा विकसित वृक्ष हेल्थ निगरानी उपकरण 'ट्रेवाइव' को पांचवां स्थान मिला, जिसके लिए उन्हें ₹75,000 की स्कॉलरशिप मिली।
छठे से दसवें स्थान पर रहे फाइनलिस्ट्स में से प्रत्येक को ₹25,000 से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में वीवो इंडिया के कन्याज्ञान कार्यक्रम का भी प्रदर्शन किया गया, जो स्कॉलरशिप और मेंटरशिप के माध्यम से STEM फील्ड में युवा महिलाओं का समर्थन करता है। अब तक इसने 175 से अधिक स्कॉलर्स का समर्थन किया है जिनमें से कई ऐसे परिवारों से हैं जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से कम है। इस स्कीम के तहत उन्हें विज्ञान और इंजीनियरिंग में एकेडमिक और करियर के अवसर प्रदान किए हैं।
बता दें कि STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) का शॉर्ट फॉर्मेट है। यह एक एजुकेशनल दृष्टिकोण है जो इन चारों विषयों को एक साथ पढ़ाने पर केंद्रित है। STEM का लक्ष्य छात्रों में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान और नवाचार कौशल विकसित करना है, जिससे वे भविष्य की तकनीकी और वैज्ञानिक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।