Bihar CM News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार (14 अप्रैल) को आखिरी बार बिहार कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की। बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में सरकार बनने की रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी। नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी मंत्रिमंडल बैठक में सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि साल 2005 में सरकार में आने के बाद उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार राज्य के लिए काम किया।
सीएम ने कहा कि आगे भी नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। इसके बाद कुमार ने कहा, "2005 में मैं सरकार में आया, जहां तक मुझसे हो सका मैंने किया। नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।"
राज्य सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने बैठक को विशेष बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने करीब दो दशकों तक राज्य की सेवा की है। उनके कार्यों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। इसके लिए राज्यपाल से समय लिया गया है।
मार्गदर्शक की भूमिका में बने रहेंगे
राज्य के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार की जनता का भरोसा कायम रखा। राज्य को मजबूत तथा समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य किया। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद भी कुमार मार्गदर्शक की भूमिका में बने रहेंगे।
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि कुमार के नेतृत्व में राज्य में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन देखने को मिला है। भविष्य में भी उनका योगदान जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यसभा के माध्यम से भी वह बिहार से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।
मंत्री संजय सिंह ने कहा कि यह नीतीश कुमार मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक थी। इसमें मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को संबोधित किया। सीएम ने इसे अपने कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने जाएंगे।
इस बीच, BJP विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि दोपहर में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का नाम बिहार के इतिहास में दर्ज रहेगा और नई भूमिका में भी उनकी भागीदारी राज्य के विकास में बनी रहेगी।
मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश
नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यपाल सैयद अता हुसैन से मुलाकात कर इस्तीफा सौंपने से पहले अपने मंत्रिमंडल को भंग करने की सिफारिश की। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे कुमार ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों को कैबिनेट भंग करने के निर्णय की जानकारी दी। प्रदेश के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए राज्यपाल से मुलाकात करने से पहले मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश की है।
सूत्रों के अनुसार, कुमार थोड़ी देर में तीन बजे से पहले राज्यपाल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी है। बीजेपी आज शाम में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेगी।
विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए BJP संसदीय बोर्ड द्वारा केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को पटना पहुंच चुके हैं। बिहार विधानसभा में 202 सदस्यीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 85 विधायक, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 19 विधायक और जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पांच विधायक शामिल हैं। इसके अलावा राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पांच विधायक भी NDA का हिस्सा हैं।