बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान साफ किया है कि BPSC शिक्षक भर्ती की चौथे चरण की परीक्षा (TRE-4) विधानसभा चुनाव से पहले कराई जाएगी, जबकि पांचवें चरण की परीक्षा (TRE-5) चुनाव के बाद आयोजित की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने आंदोलन कर रहे STET अभ्यर्थियों को लेकर कहा कि छात्रों से बातचीत हो चुकी है और उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि "STET को लेकर अगले 8 से 10 दिनों में ठोस फैसला लिया जाएगा। सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द परीक्षा कराई जाए।"
दरअसल 7 अगस्त 2025 को STET को लेकर पटना में हजारों अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था। छात्रों का कहना है कि सरकार ने हर साल दो बार STET परीक्षा कराने का वादा किया था, लेकिन पिछले डेढ़ साल से एक भी परीक्षा नहीं हुई है। इसी को लेकर छात्रों ने नारेबाजी की और शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध जताया।
इसके बाद, हाल ही में 18 अगस्त 2025 को सरकार की तरफ से STET को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के कारण, फिर से अभ्यर्थियों ने पटना में जोरदार आंदोलन किया। उनका कहना है कि वे कई महीनों से सिर्फ आश्वासन सुन रहे हैं, लेकिन परीक्षा की तारीख तय नहीं हो रही। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए लाठी चार्ज भी किया था, जिसमें कई छात्र घायल भी हो गए।
हालांकि, इसके बाद शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इस मुद्दे पर बयान दिया है कि छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है, और अभ्यर्थियों की बात सुनी गई है और आने वाले 8–10 दिनों में इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
वोट अधिकार यात्रा पर क्या बोले मंत्री?
वहीं, मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी की "वोट अधिकार यात्रा" पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "यह उनका अधिकार है, लेकिन इसका हमारी सरकार पर कोई असर नहीं होगा।" उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में बड़ी संख्या में नौकरियां दी गई हैं, महिलाओं के लिए योजनाएँ लागू की गई हैं और आरक्षण भी सुनिश्चित किया गया है।
इसके साथ ही, नवादा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कांग्रेस नेता का पोस्टर चिपकाने की घटना पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो कानून अपना काम करेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। उनका कहना है कि STET को लेकर अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है।