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बिहार चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, सवर्ण जातियों के लिए आयोग का गठन, जानें क्या है मकसद

Bihar News : नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार ने सवर्णों के विकास के लिए एक आयोग का गठन किया है। इस आयोग के अध्यक्ष वरिष्ठ बीजेपी नेता महाचंद्र सिंह बनाए गए हैं, जबकि जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद को उपाध्यक्ष बनाया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 30, 2025 पर 10:15 PM
बिहार चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, सवर्ण जातियों के लिए आयोग का गठन, जानें क्या है मकसद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है।

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में अगड़ी जातियों के लिए एक विकास आयोग बनाने का फैसला लिया है। इसका मकसद इन समुदायों की परेशानियों और उनके हितों पर ध्यान देना है। इस फैसले को चुनाव से पहले अगड़ी जातियों के वोट को अपने पक्ष में करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आयोग नीतीश सरकार की ओर से ऊंची जातियों को साधने की कोशिश है, ताकि आने वाले चुनाव में उनका समर्थन मिल सके।

बीजेपी नेता महाचंद्र सिंह बने अध्यक्ष

नई बनी इस आयोग के अध्यक्ष वरिष्ठ बीजेपी नेता महाचंद्र सिंह को बनाया गया है, जबकि जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आयोग में दयानंद राय, जय कृष्ण झा और राजकुमार सिंह को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्य तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य अगड़ी जातियों के लिए खास तौर पर विकास योजनाएं तैयार करना और उन पर नजर रखना है। इससे सरकार का यह इरादा साफ होता है कि वह जाति आधारित सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को दूर करने के लिए काम करना चाहती है।

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