Lalu Family Rift: 'जनता का श्राप और अपने कर्मों का बोझ...', अमित मालवीय ने लालू यादव पर साधा निशाना

Lalu Family Rift: रोहिणी आचार्य की तरफ से लगाए गए आरोपों पर बोलते हुए मालवीय ने कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा अपनी बहन पर चप्पल उठाने जैसा व्यवहार किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। मालवीय ने आगे कहा कि यह घटनाएं अचानक नहीं हो रही हैं, बल्कि यह उस परिवार की गिरती हुई स्थिति को दिखाती हैं

अपडेटेड Nov 17, 2025 पर 4:08 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
बिहार चुनाव 2025 के नतीजों के बाद लालू परिवार में मचा घमासान थमता नहीं दिख रहा है।

बिहार चुनाव 2025 के नतीजों के बाद लालू परिवार में मचा घमासान थमता नहीं दिख रहा है। वहीं लालू परिवार में चल रही खींचतान और बढ़ती ही नजर आ रही है। राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार से दूरी बनाने का ऐलान किया है और भाई तेजस्वी पर बड़े आरोप भी लगाए हैं। वहीं इस पूरे मामले पर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरजेडी और लालू प्रसाद यादव के परिवार पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया तब दी जब लालू यादव की बेटी और आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने अपने भाई व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए।

अमित मालवीय ने साधा लालू यादव पर निशाना

रोहिणी आचार्य की तरफ से लगाए गए आरोपों पर बोलते हुए मालवीय ने कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा अपनी बहन पर चप्पल उठाने जैसा व्यवहार किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।

मालवीय ने आगे कहा कि यह घटनाएं अचानक नहीं हो रही हैं, बल्कि यह उस परिवार की गिरती हुई स्थिति को दिखाती हैं, जिसने कभी खुद कई परिवारों को मुश्किलों में डाला था। उन्होंने यह भी कहा कि कर्म कभी किसी को छोड़ता नहीं—न भूलता है और न माफ करता है।


पहले के विवाद भी गिनाए

अमित मालवीय ने अपने बयान में लालू यादव के परिवार से जुड़े पुराने विवादों की भी याद दिलाई। उन्होंने तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप और उनकी पूर्व पत्नी ऐश्वर्या राय के बीच हुए विवाद का ज़िक्र किया, जिसमें ऐश्वर्या ने दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे और बताया था कि उन्हें घर से निकाल दिया गया था। मालवीय ने यह भी कहा कि तेज प्रताप ने कई बार खुद को उन्हीं लोगों द्वारा नजरअंदाज किए जाने की बात कही है, जिनके लिए वे हमेशा आवाज उठाते रहे। उनके अनुसार, यह परिवार के भीतर चल रहे लगातार झगड़ों और तनाव का संकेत है।

उन्होंने आगे कहा कि अब वही बेटी, जिसने कभी अपने पिता की जान बचाई थी, आज "अपमान, धमकी और गलत व्यवहार" का सामना कर रही है। मालवीय का दावा है कि परिवार की अन्य बहनों को भी मजबूरी में अपने पिता का घर छोड़ना पड़ा। अंत में मालवीय ने कहा कि लालू प्रसाद यादव का परिवार अब "बिहार की जनता के श्राप और अपने ही कर्मों के बोझ" के कारण बिखरता हुआ दिखाई दे रहा है।

थम नहीं रहा है लालू परिवार का विवाद

रोहिणी आचार्य ने हाल ही में अपने बयान में कहा कि उन्होंने पैसे और पार्टी टिकट के लालच में अपने पिता लालू यादव को “खराब किडनी” दान देने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें “अनाथ बना दिया गया” है और उन्होंने विवाहित महिलाओं को सलाह दी कि “अगर आपके पिता आपके लिए भगवान जैसे हैं और उनका कोई बेटा भी है, तो उनकी जान बचाने से पहले जरूर सोचें।” 47 वर्षीय रोहिणी आचार्य ने भावुक होकर एक्स पर कई पोस्ट किए और लिखा कि “किसी भी घर में रोहिणी जैसी किस्मत वाली बेटी पैदा न हो।”

ये पोस्ट उन्होंने उस दिन किए, जब उन्होंने पार्टी छोड़ने और अपने परिवार से दूरी बनाने का फैसला किया था। उन्होंने हाल ही में हुए बिहार चुनाव में राजद की हार के लिए अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी साथियों—हरियाणा के राजद सांसद संजय यादव और यूपी के एक राजनीतिक परिवार से आने वाले रमीज़—को ज़िम्मेदार बताया। रोहिणी आचार्य ने बताया कि उन्हें बेहद बुरे आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मुझे गालियां दी गईं और कहा गया कि मैंने अपने पिता को गंदी किडनी दी। मुझ पर आरोप लगाया गया कि मैंने करोड़ों रुपये लिए, टिकट खरीदी और उसी गंदी किडनी का ट्रांसप्लांट कराया।”

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।