Nitish Kumar Resign: बिहार में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी सोमवार (30 मार्च) को राज्य विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद से बिहार में एक नए युग की शुरुआत होगी। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार बिहार की सत्ता में ड्राइवर की सीट संभालेगी।
संविधान के अनुसार, यदि कोई राज्य विधायक या विधान परिषद सदस्य संसद के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी पूर्व सदस्यता छोड़नी होती है। सोमवार को यह डेडलाइन खत्म हो रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कुछ नेताओं का मानना है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन फिलहाल टल सकता है। उनका कहना है कि नियमों के तहत कोई व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हुए भी अधिकतम छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है।
2005 में जब नीतीश कुमार ने NDA को पहली जीत दिलाई थी, तब से BJP उनके पीछे काम कर रही थी। NDA सूत्रों ने कहा कि वह राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ लेने के बाद CM पद छोड़ सकते हैं। वहां उनका कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा। नए CM के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए राजनीतिक गतिविधियां सोमवार से तेज हो जाएंगी।
आधिकारिक तौर पर बीजेपी या जेडीयू की ओर से कोई बयान नहीं है कि किस पार्टी को शीर्ष कुर्सी मिलेगी। लेकिन दोनों दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सुझाव दिया है कि बीजेपी का कोई उम्मीदवार 75 वर्षीय नीतीश कुमार की जगह लेगा। दोनों पार्टियों के रोल बदल जाएंगे, जिसमें जेडीयू को डिप्टी सीएम का पद मिलेगा।
सम्राट चौधरी बनेंगे सीएम?
नीतीश के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस पद पर एक से ज्यादा लोग हो सकते हैं। वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम नीतीश की जगह लेने के लिए सबसे आगे देखा जा रहा है। इसकी वजहें 2017 में पार्टी में शामिल होने के बाद से पार्टी में उनकी तेजी से बढ़त और कुशवाहा समुदाय का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरना हैं।
कुशवाहा समुदाय की आबादी 4.27% से ज्यादा है। हाल ही में JDU की सदस्यता लेने वाले निशांत ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। नीतीश कुमार ने इस साल 5 मार्च को CM पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। साथ ही उन्होंने बिहार विधानसभा और संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की अपनी पुरानी इच्छा भी जाहिर की थी।