बिहार वोटर लिस्ट में रोहिंग्या घुसपैठ? कहीं 1 लाख, तो कहीं 2 लाख से ज्यादा निवास प्रमाण पत्र के आवेदन से उठे सवाल
Bihar Chunav 2025: इन आंकड़ों ने सीमांचल में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर चिंता को फिर से बढ़ा दिया है। सीमांचल बिहार के उस इलाके को कहते हैं, जो नेपाल की सीमा से लगा हुआ है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने News18 से बातचीत में इस मुद्दे को जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बताया
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 08, 2025 पर 7:34 PM
Bihar Election 2025: चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन कैंपन के तहत बिहार में BLO काम कर रहे हैं (FILE PHOTO)
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच वोटर लिस्ट संशोधन का काम जोरों पर है। हालांकि, सीमांचल से आए चौंकाने वाले आंकड़ों ने सुरक्षा और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। News18 को मिले दस्तावेजों से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जुलाई 2025 के पहले हफ्ते में अकेले किशनगंज जिले में 2 लाख से ज्यादा लोगों ने स्थायी निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। इसी तरह, मुजफ्फरपुर जिले में भी ऐसे ही प्रमाण पत्रों के लिए लगभग 1 लाख आवेदन आए हैं।
इन आंकड़ों ने सीमांचल में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर चिंता को फिर से बढ़ा दिया है। सीमांचल बिहार के उस इलाके को कहते हैं, जो नेपाल की सीमा से लगा हुआ है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने News18 से बातचीत में इस मुद्दे को जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बताया।
उन्होंने कहा, "सीमांचल में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। ये लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्थायी प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वोटर लिस्ट में नाम दर्ज हो सके।"
चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें ऐसे आवेदनों की गहन जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार किसी भी घुसपैठिए को बिहार की नागरिकता लेने नहीं देगी।"
चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन कैंपन के तहत बिहार में 7.90 करोड़ मतदाताओं के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) काम कर रहे हैं।
हालांकि, किशनगंज और मुजफ्फरपुर में आवेदनों की संख्या में बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। अकेले किशनगंज में 2 लाख आवेदनों का इजाफा देखा गया, जबकि मुजफ्फरपुर में लगभग 1 लाख आवेदन आए, जिससे इन अनुरोधों की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के सूत्रों से पता चला है कि कई आवेदन तो संदिग्ध भी लगते हैं, क्योंकि उनके दस्तावेज वैरिफाइड नहीं लग रहे है।
सीमांचल-नेपाल सीमा पर घुसपैठ का पुराना मुद्दा
सीमांचल में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है। 2019 में गृह मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि बिहार में करीब 10 लाख अवैध अप्रवासी हैं, जिनमें से ज्यादातर सीमांचल में बसे हैं।
हाल ही में रक्सौल सीमा पर बांग्लादेशी नागरिक सैयद इकबाल की गिरफ्तारी ने इस समस्या को और उजागर कर दिया है। खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या नेपाल के रास्ते बिहार में घुस रहे हैं, जिनका लक्ष्य फर्जी आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र के जरिए वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराना है।
जांच और राजनीति
प्रशासन ने किशनगंज और मुजफ्फरपुर में आवेदनों की जांच तेज कर दी है, दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है और आधार और दूसरे पहचान पत्रों की वैधता की पुष्टि की जा रही है।
राजनीतिक रूप से भी यह मुद्दा NDA के लिए काफी अहम है, जहां बीजेपी और JDU इसे घुसपैठ के खिलाफ अपनी सख्त नीति के प्रदर्शन के रूप में पेश कर रहे हैं। वहीं, RJD और महागठबंधन ने NDA पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में एक बयान में कहा, "बाढ़ प्रभावित सीमांचल इलाके के लोग सबसे गरीब हैं; वे मुश्किल से दो वक्त की रोटी जुटा पाते हैं। उनसे अपने माता-पिता के दस्तावेज की उम्मीद करना एक क्रूर मजाक है।"
वोटर सर्वे के खिलाफ RJD, कांग्रेस का अभियान तेज
चुनाव आयोग लगभग 8 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने का बड़ा काम कर रहा है, वहीं विपक्षी नेता RJD के तेजस्वी यादव ने चुनावी संशोधन की आलोचना की है। उन्होंने ये आरोप लगाया कि यह लाखों वैध मतदाताओं को वोटिंग के अधिकारी से दूर रखने की एक कोशिश है।
RJD, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य को रोकने के लिए बिहार बंद का आह्वान किया है। मतदाता पुनरीक्षण कार्य बिहार में 2005 के बाद पहली बार किया जा रहा है।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "चुनाव आयोग के आदेश में बहुत भ्रम है, क्योंकि आयोग की मंशा में कोई पारदर्शिता नहीं है। चुनाव आयोग को सोशल साइट्स पर जानकारी शेयर करने के बजाय आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करनी चाहिए। अगर इरादे साफ हैं, तो चुनाव आयोग को अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।"