भारत के चार महत्वपूर्ण राज्यों केरल, असम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी घमासान अब खत्म होने को है। 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण की वोटिंग का शोर थमने के साथ ही अब सबकी दिलचस्पी 29 अप्रैल की शाम पर है। इसी दिन पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही एग्जिट पोल्स के नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे।
केरल और तमिलनाडु में वोटिंग के बावजूद क्यों है खामोशी?
असम, केरल और तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक वहां का कोई भी रुझान सामने नहीं आया है। इसका कारण कोई तकनीकी देरी नही बल्कि चुनाव आयोग का सख्त कानूनी ढांचा है। चुनाव आयोग का नियम है कि जब तक देश के किसी भी हिस्से में मतदान चल रहा हो, तब तक किसी भी राज्य का एग्जिट पोल जारी नहीं किया जा सकता। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी एक राज्य के अनुमानित नतीजों का असर दूसरे राज्य (जहां मतदान होना बाकी है) के मतदाताओं के व्यवहार पर न पड़े। उदाहरण के लिए, 29 अप्रैल को कोलकाता में वोट डालने जाने वाले मतदाता के मन में चेन्नई या गुवाहाटी के रुझानों का कोई प्रभाव नहीं होना चाहिए।
क्या कहता है कानून? (Representation of the People Act, 1951)
एग्जिट पोल पर प्रतिबंध का कानूनी आधार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 है। इसके तहत-
चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित अवधि के दौरान कोई भी एग्जिट पोल न तो आयोजित किया जा सकता है और न ही प्रकाशित। यह प्रतिबंध पहले चरण के मतदान शुरू होने से पहले ही लग जाता है और अंतिम चरण के मतदान खत्म होने तक जारी रहता है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या जेल की सजा का भी प्रावधान है। चूंकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं और 29 अप्रैल को वहां दूसरे चरण की वोटिंग अंतिम है, इसलिए इसी दिन शाम को बाकी राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़े एक साथ जारी होंगे।
ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या है अंतर?
अक्सर लोग ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में भ्रमित हो जाते हैं। ओपिनियन पोल चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले या शुरुआती दौर में किया जाता है। यह जनता की राय पर आधारित होता है। एग्जिट पोल मतदान केंद्र से बाहर निकलने वाले मतदाताओं के वास्तविक मतदान व्यवहार पर आधारित होता है। ऐसा माना जाता है कि एग्जिट पोल की मेथेडोलॉजी इसे वास्तविक नतीजों के बहुत करीब लाती है। हालांकि विगत कई वर्षों से एग्जिट पोल पूरी तरह गलत भी साबित होते आए हैं।
एग्जिट पोल कब और कहां देखें? (When and Where to Watch)
29 अप्रैल की शाम जैसे ही बंगाल में आखिरी वोट गिरेगा, एग्जिट पोल्स का लाइव प्रसारण शुरू हो जाएगा।
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टीवी चैनल: आप CNN-News18 पर लाइव एग्जिट पोल के आंकड़े और दिग्गजों की चर्चा देख सकते हैं। इन एग्जिट पोल्स से यह साफ हो जाएगा कि दक्षिण भारत में सत्ता का ऊंट किस करवट बैठेगा और पूर्वोत्तर व बंगाल में जनता ने किसे अपना भाग्य विधाता चुना है।