West Bengal Election Voting 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार (29 अप्रैल) को अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया, जहां मतदान जारी है। इस दौरान सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल और चुनाव पर्यवेक्षक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर काम कर रहे हैं। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां उनकी नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से प्रतिष्ठा की लड़ाई है। इस मुकाबले को नंदीग्राम की लड़ाई की तरह ही देखा जा रहा है, जहां 2021 में अधिकारी ने बनर्जी को हरा दिया था।
ममता बनर्जी ने बुधवार को चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है। सीएम ने कहा, "कल एक अधिकारी था जिसने पूरे बंगाल में हंगामा मचा दिया। मैं पूरी रात जागती रही। ऑब्जर्वर पुलिस थानों में जाकर दबाव बना रहे हैं और TMC को निशाना बना रहे हैं, यह कहते हुए कि TMC के सभी एजेंटों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "कल (28 अप्रैल) रात, लगभग 2 बजे CRPF के "गुंडों" की एक टीम... माफ़ कीजिए, "गुंडे" नहीं CRPF की फोर्स स्थानीय पुलिस के बिना मेरे वार्ड 70 के पार्षद के घर गई और उनके घर पर हमला कर दिया।" ममता ने यह भी कहा कि मैं पूरी रात जागती रही।
पहली बार वोटिंग के दिन निकलीं बाहर
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर में अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने जाती हैं। हालांकि, इस बार वह सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के मतदान केंद्र भी शामिल हैं।
बाद में वह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के जरिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया।
'क्या इस तरह मतदान हो सकता है?'
बनर्जी ने कहा, "कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। लोगों को मतदान करना है- क्या इस तरह मतदान हो सकता है?" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सभी पार्टी झंडे पहले ही हटा दिए गए और बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। वे हमारे सभी कार्यकर्ताओं को पकड़ रहे हैं। अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे।"
बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, BJP ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी।
डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मित्रा इंस्टीट्यूशन में मतदान करने के बाद विभिन्न स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया। वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री यह चुनाव हार जाएंगी। विपक्ष के नेता ने निर्वाचन क्षेत्र के खिदिरपुर इलाके में दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की। अधिकारी ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर निकल रहे हैं और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों के मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। इस चरण का परिणाम महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है क्योंकि इसमें दक्षिण बंगाल शामिल है। इसे तृणमूल का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां BJP पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।
मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था। बंगाल में मतगणना चार मई को होगी।