पश्चिम बंगाल चुनाव 2026

Exit Poll : इस एग्जिट पोल में ममता बनर्जी 200 सीटों के साथ कर रही बंगाल में वापसी, चौंका देंगे आंकड़े

West Bengal Exit Poll : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। वहीं एक एग्जिट पोल में टीएमसी को 200 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, यह एग्जिट पोल महज एक अनुमान होता है

Advertisement
Advertisement

विधानसभा चुनाव FAQs

भारत में विधानसभा चुनाव क्या हैं और ये क्यों कराए जाते हैं?

भारत में होने वाले विधानसभा चुनाव राज्य स्तर पर सरकार चुनने की प्रक्रिया है। इसके माध्यम से राज्य की जनता अपने प्रतिनिधि (MLA - विधायक) चुनती है। जिस दल या गठबंधन को विधानसभा की कुल सीटों में से आधे से अधिक (बहुमत) सीटें मिलती हैं, वह राज्य में सरकार बनाता है और उसका नेता मुख्यमंत्री बनता है। यह चुनाव सामान्यतः हर 5 साल में आयोजित किए जाते हैं।

विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु और योग्यता क्या है?

भारत के संविधान के अनुसार, विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए। वह किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में एक पंजीकृत मतदाता (Voter) होना चाहिए। वह सरकार के अधीन किसी 'लाभ के पद' (Office of Profit) पर नहीं होना चाहिए। वह मानसिक रूप से स्वस्थ हो और न्यायालय द्वारा अयोग्य घोषित न किया गया हो।

एक व्यक्ति अधिकतम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकता है?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act) के अनुसार, एक व्यक्ति एक ही समय में अधिकतम 2 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकता है। अगर वह दोनों सीटों पर जीत जाता है, तो उसे एक निश्चित समय के भीतर एक सीट छोड़नी पड़ती है।

क्या जेल में बंद व्यक्ति मतदान कर सकता है या चुनाव लड़ सकता है?

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 62(5) के अनुसार, जेल में बंद व्यक्ति (विचाराधीन कैदी या सजायाफ्ता) मतदान नहीं कर सकता। हालांकि, चुनाव लड़ने के मामले में नियम अलग हैं। अगर किसी व्यक्ति को 2 साल या उससे अधिक की सजा हुई है, तो वह रिहाई के 6 साल बाद तक चुनाव नहीं लड़ सकता। लेकिन अगर मामला विचाराधीन है और व्यक्ति जेल में है, तो वह चुनाव लड़ सकता है।

विधानसभा चुनाव में 'NOTA' का क्या महत्व है?

NOTA (None of the Above) यानी 'इनमें से कोई नहीं'। यह विकल्प उन मतदाताओं के लिए है जो अपने चुनाव क्षेत्र के किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करते। NOTA का बटन दबाकर मतदाता किसी भी उम्मीदवार को वोट न देने के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकता है। हालांकि, तकनीकी रूप से NOTA के वोट चुनाव परिणाम को रद्द नहीं करते (भले ही NOTA को सबसे ज्यादा वोट मिलें, दूसरे नंबर वाले उम्मीदवार को ही विजेता माना जाता है), लेकिन यह राजनीतिक दलों को बेहतर उम्मीदवार उतारने का संदेश देता है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026

Election 2023

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026

पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति के सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में से एक है। राज्य की सभी 294 सीटों के लिए चुनाव दो मुख्य चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026) में आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी लोक-लुभावन योजनाओं जैसे लक्ष्मी भंडार और हालिया चुनावी वादों के दम पर चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी का फोकस भ्रष्टाचार, संदेशखाली जैसी घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर है। इस बार लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस भी एक तीसरे विकल्प के रूप में खुद को पेश कर रहा है। मतों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। इसी दिन तय होगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके पास रहेगी।