A.R Rahman: एआर रहमान का विवादास्पद बयान, संगीत के जादूगर के तीन गाने फिर गूंजे पूरे देश में

A.R Rahman: मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान हाल ही में अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। लेकिन इसी दौरान उनकी कला ने एक बार फिर यह साबित किया कि संगीत किसी भी मतभेद से बड़ा होता है। रहमान के तीन गाने "वंदे मातरम", "मां तुझे सलाम" और "जय हो" देशभर में गूंज उठे और लोगों के दिलों को जोड़ने का काम किया।

अपडेटेड Jan 30, 2026 पर 10:00 PM
Story continues below Advertisement

एआर रहमान का नाम हो और संगीत की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है। हाल ही में उनके एक 'सांप्रदायिक टिप्पणी' वाले बयान ने बॉलीवुड में हंगामा मचा दिया, लेकिन विडंबना देखिए कि उसी बीच उनके तीन आइकॉनिक गाने देश भर में फिर से ट्रेंड करने लगे। रहमान ने इंटरव्यू में कहा था कि पिछले आठ सालों में बॉलीवुड में पावर शिफ्ट और 'कम्युनल अंडरकरंट्स' की वजह से उन्हें कम काम मिला। यह बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, लेकिन उनके संगीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टैलेंट की ताकत से बड़ा कुछ नहीं।

विवाद तब भड़का जब रहमान ने कहा, "शायद यह छिपा हुआ था, लेकिन पिछले बार में क्रिएटिव लोगों के बजाय नॉन-क्रिएटिव्स के हाथ में पावर आ गई। हो सकता है कम्युनल चीज भी हो।" जावेद अख्तर ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रहमान की इतनी बड़ी स्टेटस है कि प्रोड्यूसर्स डरते हैं उनसे हाथ मिलाने की। शोभा डे ने इसे 'डेंजरस कमेंट' बताया, जबकि शान ने कहा कि म्यूजिक में माइनॉरिटी एंगल काम नहीं करता। कंगना रनौत और हरीहरन जैसे सितारों ने भी अपनी राय रखी है। रहमान ने बाद में वीडियो जारी कर सफाई दी कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने भारत को अपना घर बताते हुए 'जय हिंद' कहा, लेकिन विवाद थमा नहीं है।

फिर भी, रहमान का जादू बरकरार रहा है। विवाद के बीच 'जय हो' ('स्लमडॉग मिलियनेयर'), 'दिल तो बच्चा है जी' ('जिंदगी ना मिलेगी दोबारा') और 'कुड़ी तू पटकुड़ी रे' जैसे गाने स्पॉटिफाई और यूट्यूब पर टॉप ट्रेंड में पहुंच गए। लाखों स्ट्रीम्स के साथ फैंस ने संदेश दिया बयान भूलो, संगीत याद रखो। रहमान का सफर ही अनोखा है। तमिल बैकग्राउंड से बॉलीवुड के ऑस्कर विजेता बने फिर 'लगान', 'रंगीला' और 'जोधा अकबर' से दिल जीता। विवाद ने उनकी पुरानी बात याद दिलाई ।


सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि रहमान की पहचान उनके संगीत से है, न कि किसी विवादित बयान से। लोगों ने उनके गानों को एकता, भाईचारे और शांति का प्रतीक बताया। कई जगह इन गानों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में बजाया गया और यह संदेश दिया गया कि कला समाज को जोड़ने का सबसे बड़ा जरिया है।

विवादों के बीच रहमान के गानों का गूंजना इस बात का सबूत है कि कलाकार की असली ताकत उसकी कला होती है। रहमान के सुरों ने एक बार फिर यह साबित किया कि संगीत सीमाओं से परे है और यह दिलों को जोड़ने का काम करता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।