बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' के मेकर्स इस समय एक नई मुसीबत से जूझ रहे हैं। फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने उस वायरल पोस्टर की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें अभिनेता रणवीर सिंह को पगड़ी पहने हुए सिगरेट पीते दिखाया गया है। आदित्य ने साफ किया है कि यह तस्वीर पूरी तरह से फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से छेड़छाड़ कर बनाया गया है।
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक पोस्टर तेजी से फैल रहा था, जिसमें रणवीर सिंह का किरदार (हमज़ा/जकीरत) सिखों की पारंपरिक पगड़ी पहने नजर आ रहा है और उनके हाथ में सिगरेट है। इस तस्वीर ने सिख समुदाय की भावनाओं को आहत किया और इंटरनेट पर बहस छिड़ गई। आदित्य धर ने इस पर संज्ञान लेते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया।
आदित्य धर ने अपने बयान में कहा, "यह मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व आधिकारिक प्रचार सामग्री को एआई के जरिए मॉर्फ करके गलत विमर्श गढ़ रहे हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फिल्म या हमारे किसी भी आधिकारिक पोस्टर में ऐसा कोई दृश्य नहीं है। मैं सिख समुदाय का गहरा सम्मान करता हूं और फिल्म में हर चित्रण को अत्यंत संवेदनशीलता और गरिमा के साथ दिखाया गया है।"
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी शरारतपूर्ण हरकतों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें और एआई-जनित गलत सूचनाओं का शिकार न बनें।
आर माधवन और 'गुरबानी' विवाद पर भी दी सफाई
यह पहली बार नहीं है जब फिल्म किसी धार्मिक विवाद में फंसी हो। हाल ही में महाराष्ट्र के सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने फिल्म के एक सीन पर आपत्ति जताई थी, जहां अभिनेता आर माधवन को पवित्र 'दशम ग्रंथ' के श्लोक पढ़ते समय धूम्रपान करते दिखाया गया था।
इस पर सफाई देते हुए माधवन ने स्पष्ट किया कि सीन की शूटिंग के दौरान आदित्य धर ने उन्हें विशेष निर्देश दिए थे कि श्लोक पढ़ने से पहले वे सिगरेट बुझा दें। माधवन ने कहा, "अगर आप सीन को ध्यान से देखेंगे, तो वहां न तो धुआं है और न ही सिगरेट जल रही है। हमने पवित्रता का पूरा ध्यान रखा है।"
यह मामला फिल्म इंडस्ट्री में एआई के दुरुपयोग की बढ़ती चुनौती को दर्शाता है। इससे पहले भी कई बॉलीवुड सितारों के 'डीपफेक' वीडियो सामने आ चुके हैं। 'धुरंधर 2' की टीम अब उन अकाउंट्स की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इस भ्रामक पोस्टर को सबसे पहले साझा किया था।