बॉलीवुड की मधुर आवाज श्रेया घोषाल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संगीत जगत की कड़वी सच्चाई बयां की। आरिजीत सिंह के अचानक संन्यास लेने के बाद फिल्म इंडस्ट्री ने प्लेबैक सिंगर्स के साथ क्या सलूक किया, इस पर उन्होंने खुलकर बात की। 7 मार्च 2026 को जगरण के एक खास इंटरव्यू में श्रेया ने बताया कि आरिजीत जैसे सुपरस्टार के चले जाने से इंडस्ट्री ने नए गायकों को मौका देने के बजाय आउटसोर्सिंग और ऑटोट्यून पर भरोसा बढ़ा दिया।
श्रेया ने भावुक होकर कहा, "आरिजीत भाई का जाना हमारे लिए बड़ा झटका था। वो न सिर्फ आवाज थे, बल्कि स्टोरीटेलर्स भी। उसके बाद प्रोड्यूसर्स ने सोचा कि कोई और तो नहीं भर पाएगा उनकी जगह। हम सिंगर्स को कॉल कम आने लगे, बजाय इसके कंपोजर्स ने विदेशी आर्टिस्ट्स या सिंगर-एक्टर्स को प्राथमिकता दी।" यह खुलासा सुनकर फैंस हैरान हैं, क्योंकि आरिजीत 2025 में स्पिरिचुअल कारणों से स्टेज और रिकॉर्डिंग से दूर हो गए थे। उनकी आखिरी हिट 'फिर क्या' ने चार्ट्स पर राज किया था।
श्रेया ने इंडस्ट्री की मानसिकता पर तंज कसा, "अब गाने की सक्सेस व्यूज से मापी जाती है, न कि दिलों से। हम जैसे लाइव परफॉर्मर्स को कॉन्सर्ट्स तक सीमित कर दिया गया। प्राइवेट अल्बम्स या इंडिपेंडेंट म्यूजिक ही बचा है।" उन्होंने 'देवदास' से 'ब्रह्मास्त्र' तक अपने सफर को याद किया, जहां उन्होंने 5 नेशनल अवॉर्ड्स जीते। लेकिन आज कल के आइटम सॉन्ग्स जैसे 'चिकनी चमेली' को गाने का अफसोस जताते हुए कहा, "अब ऐसे बोल वाले गाने नहीं गाऊंगी, जो महिलाओं को गलत तरीके से पेश करें।"
श्रेया ने बताया कि सिंगर्स को अक्सर बैकग्राउंड आर्टिस्ट की तरह देखा जाता है। गानों के प्रमोशन में उन्हें पीछे रखा जाता है, जिससे उनकी पहचान दब जाती है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब गायकों को भी उतनी ही स्टारडम और पहचान दी जानी चाहिए जितनी एक्टर्स को मिलती है। अरिजीत के रिटायरमेंट पर फैंस बेहद भावुक हुए। सोशल मीडिया पर उन्हें “जीनियस” और “दिलों की आवाज” कहा गया। श्रेया ने भी उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह किसी दौर का अंत नहीं बल्कि एक नए क्रिएटिव फेज की शुरुआत है।