गाजियाबाद में तीन किशोरियों के दर्दनाक आत्महत्या कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर ब्लैकमेलिंग और साइबर बुलिंग की चपेट में फंसकर उन्होंने यह कदम उठाया। इसी हृदयविदारक घटना के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने माता-पिता से अपील की है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया की सच्चाई सिखाएं, न कि मोबाइल की लत लगने दें। सेफर इंटरनेट डे पर इंस्टाग्राम वीडियो में शिल्पा ने एक मां के नाते खुलकर बात की, जो हर घर की चिंता को शब्द देती है।
शिल्पा ने कहा, "इंटरनेट ज्ञान का खजाना है, लेकिन खतरे भी छिपे हैं। बच्चे ऐसी चीजें देख लेते हैं, जिनके लिए तैयार नहीं होते।" दो बच्चों की मां होने के नाते वे जानती हैं कि टेक्नोलॉजी को बैन करना समाधान नहीं। बल्कि संतुलन जरूरी है बच्चों को पता चले कि ऑनलाइन सब कुछ सच्चा या सुरक्षित नहीं। "16 साल तक निगरानी करना नियंत्रण नहीं, प्यार है। फोन चेक करें, बात करें, भरोसा बनाएं। जिज्ञासा चुप्पी में बढ़ती है, बातचीत में कम।" उन्होंने पैरेंटल कंट्रोल के साथ-साथ खुली बातचीत पर जोर दिया। गाजियाबाद कांड ने साबित कर दिया कि लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
शिल्पा ने माता-पिताओं से अकेले पेरेंटिंग छोड़कर सामूहिक प्रयास करने को कहा। "मुझे सारे जवाब नहीं पता, लेकिन बात शुरू हो। डिजिटल जागरूक बच्चे बनाएं, लतग्रस्त नहीं। आज का मार्गदर्शन कल का आत्मविश्वास बनेगा।" उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां हजारों ने शेयर कर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। एक यूजर ने लिखा कि उनकी बेटी रात भर स्क्रॉल करती है, अब बदलाव लाएंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि साइबर बुलिंग आजकल बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन है।
यह अपील सिर्फ शिल्पा की नहीं, हर जिम्मेदार माता-पिता की पुकार है। गाजियाबाद जैसी त्रासदी दोहराने न दें। घर में डिजिटल नियम बनाएं स्क्रीन टाइम सीमित, बातचीत अनिवार्य। बच्चे सुरक्षित रहें, यही असली जीत होगी। शिल्पा का यह खुला पत्र समाज को आईना दिखाता है।