अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा के बॉलीवुड डेब्यू 'इक्कीस' का सफर छोटा और निराशाजनक साबित हुआ। श्रीराम राघवन के डायरेक्शन में बनी ये बायोपिक नई साल पर रिलीज हुई थी, लेकिन दर्शकों का साथ न मिल सका। धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म होने के बावजूद ये 33 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस पर थम गई, जो बजट के मुकाबले करारी हार है। पिंकविला की रिपोर्ट कहती है कि ज्यादातर कमाई भारत से ही हुई।
फिल्म ने इंडिया नेट में 26 करोड़ कमाए और ग्रॉस कलेक्शन 31.20 करोड़ हुआ। ओपनिंग वीक में 21.50 करोड़ की धमाकेदार शुरुआत हुई, लेकिन दूसरे हफ्ते सिर्फ 4.50 करोड़ जोड़ सकी है। कुल ओवरसीज 2.50 करोड़ ही रहा है। शुरुआत ठीक रही, लेकिन वर्ड ऑफ माउथ न चलने से रफ्तार पकड़ने से पहले ही थम गई। धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया संग अगस्त्य का लुक पसंद आया, लेकिन स्टोरी ने दर्शकों को बांध नहीं पाया। कुछ ने आइडियोलॉजी पर सवाल उठाए, तो कईयों को कंटेंट कमजोर लगा।
'इक्कीस' 1971 वॉर के हीरो विक्रम बत्रा की कहानी है। अगस्त्य ने लेफ्टिनेंट विक्रम का रोल निभाया, जो उनकी पहली बड़ी पारी थी। धर्मेंद्र सरदार का किरदार निभाते नजर आए, जिसे फैंस ने इमोशनल वैल्यू के लिए सराहा। लेकिन बड़े परदे पर धर्मेंद्र को अलविदा कहने की चाहत के बावजूद टिकट खरीदने वाले कम रहे। श्रीराम राघवन की 'अंधाधुन' जैसी हिट्स के बाद ये फ्लॉप निराश करता है। ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि नेपो किड टैग के बावजूद अगस्त्य को कड़ी मेहनत करनी होगी।
ओटीटी पर रिलीज का इंतजार है, जहां फिल्म को दूसरा मौका मिल सकता है। युवा दर्शकों में अगस्त्य का क्रेज है, लेकिन मास अपील की कमी ने नुकसान किया। बॉलीवुड में डेब्यू हमेशा आसान नहीं होता, ये फिल्म साबित करती है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि अगली फिल्म से अगस्त्य वापसी करेंगे। धर्मेंद्र की विदाई को याद रखा जाएगा, लेकिन कमर्शियल सफलता से हाथ धोना पड़ा।
अगस्त्य नंदा के लिए यह झटका जरूर है, लेकिन इंडस्ट्री में इसे उनके करियर का पहला अनुभव माना जा रहा है। अक्सर नए कलाकारों की शुरुआती फिल्में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरतीं, लेकिन आगे चलकर वे अपनी मेहनत और सही प्रोजेक्ट्स के जरिए खुद को साबित करते हैं।