Mary Millben: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद पर रखी अपनी राय, पीएम मोदी के पैर छूकर ले चुकी हैं आशीर्वाद

Mary Millben: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन को भारत और भारत की संस्कृति काफी पसंद है। वह देश का राष्ट्रगान गाकर भारत के लोगों का पहले ही दिल जीत चुकी हैं। वहीं अब उन्होंने एक बार फिर से भारत-अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ विवाद पर खुलकर अपनी राय रखी है।

अपडेटेड Aug 06, 2025 पर 4:14 PM
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद पर जताई चिंता

Mary Millben: कभी पीएम मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लेना.....तो कभी भारत का राष्ट्रगान जन मन गण गाकर लोगों को आजादी की बधाई देना। जी हां, अमेरिका सिंगर मैरी मिलबेन हर बार किसी न किसी तरीके से भारत के प्रति अपने प्यार का इजहार करती हैं। इन दिनों भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ के लेकर लगातार तनाव बढ़ रहा है। इस बीच एक फिर से लोगों की चिंता जताते हुए सिंगर ने खुलकर इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

अमेरिकी सिंगर मिलबेन ने चिंता जताते हुए कहा कि टैरिफ पर बढ़ता विवाद अमेरिका और भारत में अनगिनत छोटे व्यवसायों को तेजी से नुकसान पहुँचा रहा है। उन्होंने ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे को सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि आपकी विरासत और हमारे देशों की भलाई इसके अंतिम निर्णय पर निर्भर करती है।

यह बात सिंगर ने मंगलवार को ट्रंप की उस चेतावनी के बाद की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद के कारण, वह अगले 24 घंटों में भारत से आयात पर लगने वाले टैरिफ को वर्तमान 25 प्रतिशत की दर से और ज्यादा बढ़ा देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को ये धमकी ऐसे समय पर दी है, जब वाशिंगटन अरबों डॉलर मूल्य की रूसी ऊर्जा और वस्तुओं का आयात कर रहा है, जिनमें संवर्धित यूरेनियम भी शामिल है।


भारत के इस दावे पर कि वाशिंगटन मास्को के साथ व्यापार जारी रखते हुए उसे अनुचित तरीके से निशाना बना रहा है, इस पर ट्रम्प ने कहा कि मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता। मुझे इसकी जांच करनी होगी। मैरी मिलबेन भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती की प्रबल समर्थक रही हैं। 2023 में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान, भारत का राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाकर उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया।

जनवरी 2022 से, जब रूस ने यूक्रेन पर अपना पूर्ण आक्रमण शुरू किया, तब से संयुक्त राज्य अमेरिका ने 24.51 अरब डॉलर का रूसी सामान आयात किया है। अकेले 2024 में, वाशिंगटन ने मास्को से 1.27 अरब डॉलर मूल्य के उर्वरक, 62.4 करोड़ डॉलर मूल्य के यूरेनियम और प्लूटोनियम और लगभग 87.8 करोड़ डॉलर मूल्य के पैलेडियम का आयात किया।

रूस से तेल आयात पर शुल्क में भारी बढ़ोतरी की घोषणाओं के लिए ट्रंप को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली की आलोचना का सामना करना पड़ा। हेली ने कहा कि ट्रंप भारत जैसे मजबूत सहयोगी के साथ अपने रिश्ते खराब कर रहे हैं, जबकि उन्होंने अपने विरोधी "चीन" को छूट दे दी है।

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