Anna Jaisinghani: प्रेमानंद महाराज मेरे सपने आए..., एक्टिंग छोड़ कृष्ण भक्ति में लीन हुईं अन्ना जयसिंघानी

Anna Jaisinghani: कभी एकता कपूर के शो की टॉप हीरोइन रहीं एक्ट्रेस अन्ना जयसिंघानी ने मनोरंजन जगत से दूरी बना ली है। वह अब भक्ति मार्ग पर चल पड़ी हैं।

अपडेटेड May 03, 2026 पर 11:46 AM
Story continues below Advertisement
अन्ना जयसिंघानी ने अचानक एक्टिंग करियर छोड़कर पूरी तरह से आध्यात्मिक जीवन अपना लिया है। अन्ना अब वृंदावन में अपना बाकी का जीवन बिताने वाली हैं।

Anna Jaisinghani: एंटरटेंमेंट इंडस्ट्री की चमक-दमक, नाम और पहचान के बाद इस लाइफ स्टाइल से दूरी बनाना हर किसी के लिए आसान बात नहीं है। लेकिन कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड पर आ जाती है, जहां इंसान सुकून की तलाश करने लगता है। कुछ ऐसा ही एकता कपूर के शो से नेम फेम पाने वाली एक्ट्रेस के साथ हुआ है। अन्ना जयसिंघानी एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कहकर भक्ति मार्ग अपना लिया है। उन्होंने सिर्फ करियर ही नहीं छोड़ा, बल्कि अपनी पूरी जिंदगी बदल दी और अब सादगी भरी लाइफ जीने निकल पड़ी हैं।

अन्ना जयसिंघानी ने अचानक एक्टिंग करियर छोड़कर पूरी तरह से आध्यात्मिक जीवन अपना लिया है। अन्ना अब वृंदावन में अपना बाकी का जीवन बिताने वाली हैं। एक्ट्रेस अपना पूरा समय कृष्ण भक्ति में लगा रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें असली सुकून और शांति भक्ति में ही अब मिल रही है, जो उन्हें शोबिज की दुनिया में नहीं थी। अब वह पूरी तरह से लाइम लाइट से दूर रहना चाहती हैं।

अन्ना ने बताया कि बचपन से ही वह डांस और क्रिएटिव चीजों के लिए जुनूनी थीं। वो अपने सपनों को पूरा करने मुंबई पहुंची। साल 2011 में फ्रीलांस कोरियोग्राफर के रूप में उन्होंने करियर की शुरुआत की। बाद में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में किस्मत आजमाई और कई टीवी शोज का हिस्सा रहीं। एकता कपूर के प्रोडक्शन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम करके उन्हें शेहरत और नाम मिला।


मुंबई में रहते हुए अन्ना के कुछ दोस्त बने, जिनके साथ वह इस्कॉन मंदिर जाने लगीं। धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी भक्ति की ओर बढ़ गई। वह लगातार अपनी लाइफस्टाइल में भी बदलाव करती रही हैं। एक्ट्रेस ने लहसुन-प्याज, शराब और मांसाहार सब कुछ बंद कर दिया। ये बदलाव धीरे-धीरे उनकी सोच और जीवन पर असर करने लगे और वह पूरी तरह से मनोरंजन जगत से दूर हो गईं।

अन्ना ने जानकारी देते हुए कहा कि एक दिन उन्हें सपने में प्रेमानंद जी महाराज ने नाम जप करने को कहा। बस उस रात के बाद से सबकुछ बदल गया। इसके बाद उन्होंने वृंदावन जाने की ठान ली। वहीं रहकर आध्यात्मिक जीवन अपना लिया। अब वो मानती हैं कि असली खुशी भक्ति में ही है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।