स्टार प्लस के शो 'अनुपमा' की कहानी में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। अपनी ईमानदारी और स्वाभिमान के लिए जानी जाने वाली अनुपमा पर अब चोरी का गंभीर आरोप लगा है। खास बात यह है कि इस साजिश में उसे फंसाने के लिए उसकी अपनी मासूमियत और रिश्तों का इस्तेमाल किया गया है।
कैसे शुरू हुआ ये नया संकट?
आज के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनुपमा अपने करीबियों, जया और बंकू के लिए प्यार से खाना बनाने की तैयारी करती है। घर के माहौल में थोड़ी खुशहाली आती दिखती है जब उसे पता चलता है कि दिग्विजय ने उसके लिए कुकीज बनाई हैं। लेकिन यह सुकून ज्यादा देर नहीं टिकता। अचानक बंकू आकर खबर देता है कि पुलिस घर के बाहर खड़ी है और वो किसी और को नहीं, बल्कि अनुपमा को ढूंढ रही है।
पुलिस जब घर पहुंचती है, तो अनुपमा के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। उस पर एक बेहद कीमती नेकलेस चोरी करने का आरोप लगाया जाता है। इतना ही नहीं, पुलिस का कहना है कि उसने इस चोरी को अंजाम देने के लिए अपनी बेटी जया का सहारा लिया। अनुपमा सफाई देती है कि उसे वह नेकलेस जया के बैग में मिला था और वह खुद उसे वापस करने जा रही थी।
तभी कहानी में विलेन बनी रोजी एंट्री लेती है। रोजी पुलिस के सामने सफेद झूठ बोलती है कि उसने अनुपमा को अपनी आंखों से चोरी करते देखा है। अनुपमा इस बात का विरोध करती है और रोजी की नीयत पर सवाल उठाती है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
हाथ से गई नौकरी, टूटा दिल
भले ही नेकलेस के मालिक ने दया दिखाते हुए पुलिस केस नहीं किया, लेकिन होटल मैनेजमेंट ने कड़ा रुख अपनाया। चोरी के आरोप के चलते होटल मैनेजर ने अनुपमा को नौकरी से निकाल दिया। एक स्वाभिमानी महिला के लिए यह उसकी मेहनत से ज्यादा उसके चरित्र पर हमला है। नौकरी जाने से अनु पूरी तरह टूट गई है क्योंकि यही उसकी नई शुरुआत का एकमात्र सहारा था।
जहां एक तरफ अनुपमा मुश्किल में है, वहीं माही भी मुसीबत में फंसी है। गौतम उसे डरा-धमका रहा है कि अगर उसने सच बोला तो वह उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। दूसरी ओर, आने वाले एपिसोड में दिग्विजय मसीहा बनकर सामने आएगा। जब पॉल, अनुपमा पर हाथ उठाने की कोशिश करेगा, तब दिग्विजय उसे बचाएगा। इतना ही नहीं, अनुपमा की नजर एक बेहद खूबसूरत 'सावी कैफे' पर पड़ेगी, जो शायद उसकी जिंदगी की नई उम्मीद बन सकता है।