लोकप्रिय टीवी सीरियल 'अनुपमा' में इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। शो की कहानी अब एक ऐसे मोड़ पर आ गई है जहां अनुपमा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालिया घटनाक्रम में दिग्विजय के एक कड़े फैसले ने न केवल अनुपमा को तोड़कर रख दिया है, बल्कि कोठारी परिवार के भीतर भी दरारें पैदा कर दी हैं।
बंकू और अनुपमा का भावनात्मक जुड़ाव
एपिसोड की शुरुआत काफी भावुक कर देने वाली रही। जब दिग्विजय अनुपमा को घर छोड़ने का अल्टीमेटम देता है, तो छोटा बंकू अनुपमा के समर्थन में खड़ा हो जाता है। बंकू साफ कह देता है कि अगर अनुपमा यह घर छोड़कर जाएगी, तो वह भी उसके साथ जाएगा। इस बात से दिग्विजय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और वह गुस्से में बंकू को भी चले जाने के लिए कह देता है। हालांकि, अनुपमा स्थिति को संभालते हुए बंकू को समझाती है कि बहस से कुछ हासिल नहीं होगा। वह जया से अपना सामान पैक करने को कहती है, ताकि वे वहां से सम्मान के साथ विदा हो सकें।
दूसरी ओर, कोठारी हाउस में माही को लेकर भी बवाल मचा हुआ है। वसुंधरा देर रात बाहर जाने के लिए माही पर चिल्लाती है और इसका सारा दोष अनुपमा की परवरिश और सोहबत पर मढ़ देती है। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्य अनिल और ख्याति माही का पक्ष लेते हैं और उसकी बात सुनने की कोशिश करते हैं।
इसी बीच गौतम का किरदार एक रहस्यमयी मोड़ लेता दिख रहा है। गौतम, जो असल में माही से प्यार नहीं करता, अचानक उसे वापस बुलाने की जिद करने लगता है। दर्शकों को यह स्पष्ट हो रहा है कि गौतम के मन में कोई बड़ी और खतरनाक योजना चल रही है, जिसके लिए वह माही का इस्तेमाल करना चाहता है।
अनुपमा के पास केवल 15 दिन
कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आता है जब दिग्विजय आखिरी वक्त पर अनुपमा और जया को घर छोड़ने से रोक तो लेता है, लेकिन एक बड़ी चुनौती सामने रख देता है। अनुपमा को अब यह अहसास हो चुका है कि उसके पास अपना नया ठिकाना और काम खोजने के लिए सिर्फ 15 दिन का समय बचा है।
आने वाले एपिसोड में हम देखेंगे कि अनुपमा एक बेहद खूबसूरत कैफे में पहुंचती है और उसे अपना नया सपना बनाने की कोशिश करती है। वह दिग्विजय को कैफे शुरू करने के लिए मनाने का प्रयास करेगी, लेकिन दिग्विजय अपनी जिद पर अड़ा रहेगा। अनुपमा के संघर्ष और बंकू के अटूट साथ ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है कि क्या अनुपमा 15 दिनों में अपनी नई पहचान बना पाएगी या एक बार फिर उसे अपनों की बेरुखी का शिकार होना पड़ेगा।