बॉलीवुड के बेबाक निर्देशक अनुराग कश्यप ने आगामी फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोस बियॉन्ड' पर जमकर हमला बोला है। कोच्चि एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्म को 'बकवास प्रोपगैंडा' करार देते हुए इसके निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को लालची और समाज को बांटने वाला बताया। यह बयान फिल्म की रिलीज से महज पांच दिन पहले आया है, जब 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर पहले से ही विवादास्पद माहौल बना हुआ है।
अनुराग कश्यप ने ट्रेलर में दिखाए गए एक सीन का खास जिक्र किया, जिसमें एक हिंदू महिला को जबरन बीफ खिलाने का दृश्य है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'केरल स्टोरी बकवास है। यह प्रोपगैंडा फिल्म है। कौन ऐसा बीफ खिलाता है? खिचड़ी भी तो ऐसे नहीं खिलाते।' कश्यप का मानना है कि फिल्म का मकसद सिर्फ पैसे कमाना और लोगों को खुश करने के बहाने समाज में फूट डालना है। 'निर्माता लालची आदमी है। उसे सिर्फ कमाई की परवाह है, सच्ची कहानी सुनाने की नहीं,' उन्होंने साफ शब्दों में कहा। उनका यह बयान फिल्म उद्योग में सिनेमा की नैतिकता और व्यावसायिकता पर बहस छेड़ने वाला है, जहां वे हमेशा सच्चाई और कलात्मकता की वकालत करते रहे हैं।
यह विवाद नया नहीं है। 2023 में रिलीज हुई पहली 'द केरल स्टोरी' ने भी जबरदस्त धूम मचाई थी, जो भारत में 286 करोड़ रुपये कमा चुकी थी। लेकिन अब सीक्वल को लेकर केरल में राजनीतिक तूफान उठ गया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने इसे 'विषाक्त सृजन' बताते हुए राज्य की धर्मनिरपेक्ष छवि को धूमिल करने वाली कृत्य करार दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस 'घृणा फैलाने वाली' फिल्म का बहिष्कार करें। विपक्ष के नेता वीडी सतीशेन ने भी इसे प्रोपगैंडा कहा, जबकि बीजेपी ने सीएम पर पाखंड का आरोप लगाया।
कानूनी मोर्चे पर भी हलचल है। केरल हाईकोर्ट ने फिल्म के सेंसर बोर्ड प्रमाणीकरण पर नोटिस जारी किया है। एक याचिका में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक सद्भाव बिगाड़ सकती है और राज्य को बदनाम कर रही है। याचिकाकर्ता ने प्रमाण पत्र रद्द करने, शीर्षक बदलने और रिलीज रोकने की मांग की है। फिल्म पहले हिस्से की तरह जबरन धर्मांतरण और आतंकवाद पर केंद्रित है, लेकिन अब राजस्थान व मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को भी जोड़ रही है।
फिल्म में टीवी स्टार अदिति भाटिया डेब्यू कर रही हैं, जिनके साथ उल्का गुप्ता और ऐश्वर्या ओझा मुख्य भूमिकाओं में हैं। निर्देशक कमाख्या नारायण सिंह और प्रोड्यूसर विपुल शाह की यह फिल्म ट्रेलर रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। अनुराग के बयान ने बहस को और तेज कर दिया है - क्या यह सिनेमा की आजादी है या समाज को बांटने का हथियार? जैसे-जैसे रिलीज नजदीक आ रही है, विवाद की आग और भड़कने के आसार हैं।