बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अरशद वारसी ने हाल ही में अपनी इंटरफेथ मैरिज की अनसुनी दास्तान बयां की। लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पत्नी मारिया गोरेटी के कैथोलिक पैरेंट्स शुरू में उनकी शादी से बेहद परेशान थे। एक मुस्लिम लड़के से उनकी धार्मिक बेटी की शादी का ख्याल ही उन्हें बेचैन कर देता था।
अरशद ने हंसते हुए कहा, 'वो थोड़े घबराए हुए थे। कैथोलिक लड़की और मुस्लिम लड़का। उनके लिए जिंदगी में जीसस क्राइस्ट के अलावा कुछ था ही नहीं। वो चाहते थे कि मारिया किसी 9-5 वाली सिक्योर जॉब वाले कैथोलिक लड़के से शादी करे, लेकिन बेरोजगार मुस्लिम लड़का आ गया।' उस वक्त अरशद स्ट्रगल कर रहे थे, कोई पक्की नौकरी नहीं थी, जो ससुराल वालों के लिए चिंता का सबब बना हुआ था। फिर भी, समय के साथ उनकी सोच बदली। अरशद बोले, 'धीरे-धीरे उन्हें एहसास हो गया कि मुझसे बेहतर कोई है ही नहीं!'
दिलचस्प बात ये है कि आज मारिया के माता-पिता अरशद से इतने खुश हैं कि उनके साथ ही रहते हैं। अरशद ने शेयर किया, 'अब वो बहुत खुश हैं और मेरे साथ रहते हैं। उनका सेल्फ-रिस्पेक्ट उन्हें अपने घर में रखता है, लेकिन हम जुगाड़ करके उन्हें यहां ले आते हैं।' ये बातें सुनकर लगता है कि प्यार ने हर दीवार तोड़ देती है। दोनों की जोड़ी 1996 में बंधी, और आज दो बच्चों - बेटे जेक वर्शी और बेटी जेन वर्शी के माता-पिता हैं।
उनकी लव स्टोरी भी किसी फिल्म से कम नहीं थी। अरशद को पहली बार जेवियर्स कॉलेज के एक कॉम्पिटिशन में मारिया दिखीं, जहां वो जज बन कर गए थे। दोस्ती नाटकों से शुरू हुई, लेकिन मारिया ने प्रपोजल कई बार ठुकराया। आखिरकार दुबई के एक शो में बीयर पीने के बाद मारिया ने दिल की बात कही, और रिश्ता पक्का हो गया। अरशद कहते हैं, 'हम ऑर्गेनिकली शादीशुदा हो गए।' 25 साल बाद भी ये कपल रिलेशनशिप गोल्स सेट करता है।
यह किस्सा न सिर्फ अरशद और मारिया की प्रेम कहानी को खास बनाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्यार और विश्वास धर्म और परंपराओं की सीमाओं से कहीं ऊपर होता है। अरशद ने कहा कि शादी के शुरुआती दिनों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मारिया का साथ और उनका अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।
आज अरशद और मारिया बॉलीवुड की सबसे प्यारी जोड़ियों में गिने जाते हैं। उनकी कहानी उन तमाम कपल्स के लिए प्रेरणा है जो इंटरफेथ या इंटरकल्चरल रिश्तों में कदम रखते हैं। यह बताती है कि रिश्तों की नींव धर्म या जाति नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, भरोसा और प्यार होता है।
मनोरंजन जगत में अरशद वारसी अपनी कॉमिक टाइमिंग और शानदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी का यह पहलू दर्शकों को उनके व्यक्तित्व का एक और मानवीय और भावुक पक्ष दिखाता है।