Aryan Khan: जब बात बॉलीवुड की आती है, तो परिवार से जुड़ी पहले की पीढ़ी या कहें पारिवारिक विरासत अक्सर करियर की शुरुआत से पहले ही एक धारणा बना देती है। सुपरस्टार्स के बच्चों को विशेषाधिकार (प्रिवेलेज )और दबाव, दोनों विरासत में मिलते ही मिलते हैं। वहीं हमेशा पिता, भाई, या बहन मां से तुलना भी होती है।
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के साथ भी सालों से कुछ ऐसा ही होता आ रहा है। वह सालों से इस तरह की आलोचनाओं का सामना करते आ रहे हैं। लेकिन अपनी पहली निर्देशित सीरीज़ "द बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड" के पहले लुक के साथ, आर्यन साबित कर दिया है कि उनका रास्ता लोगों की उम्मीदों से हट कर है।
कई स्टार किड्स के उलट, जो ग्लैमरस लॉन्च के साथ इंडस्ट्री में कदम रखते हैं, आर्यन लाइमलाइट से हमेशा ही दूर रहे हैं। एक्टिंग की बजाय उन्होंने लेखन और निर्देशन में अपनी कला को निखारा और बिलाल सिद्दीकी और मानव चौहान के साथ मिलकर अपना पहला प्रोजेक्ट तैयार किया है।
रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट द्वारा समर्थित, आर्यन की शुरुआत अपने पिता के नाम का फायदा उठाने को लेकर नहीं, बल्कि एक अलग क्रिएटविटी दिखने को लेकर हैं। पहली प्रतिक्रियाओं को देखते हुए, द बाड्स ऑफ बॉलीवुड के टीज़र को दर्शकों को काफी पसंद किया है। शुरुआत में आर्यन ने शाहरुख के हिट फिल्म मोहब्बतें के वायलिन सीक्वेंस की यादों को ताज़ा करते हुए ऐलान किया कि, "बॉलीवुड, जिसने अपने सालों से प्यार भी किया और वार भी किया... बहुत सारा प्यार, और थोड़ा सा वार।" यह एक बड़ा स्टेटमेंट है, जो सीरीज को होमेज और रोस्ट दोनों के रूप में दिखाता है।
आर्यन के डेब्यू को लेकर काफी चर्चा हो रही है। दर्शकों की ज़बरदस्त प्रतिक्रियाओं के बीच, नेटफ्लिक्स के सीईओ टेड सारंडोस ने शो की तारीफ़ करते हुए इसे "बहुत मज़ेदार" बताया। करण जौहर ने आर्यन के काम को "रिकॉर्ड तोड़" बताया। अनिल कपूर ने तो इस युवा फ़िल्मकार की तुलना आज के मनमोहन देसाई से कर डाली। ऐसे प्रमोशन किसी भी नए फ़िल्मकार के लिए काफ़ी होते हैं, लेकिन आर्यन के लिए, ये उनके उपनाम, उनके पिता की विरासत, से जुड़े अवसर और भारी दबाव, दोनों को दिखाते हैं।
बेशक, प्रिविलेज का रोल अहम होता है। नेटफ्लिक्स का सपोर्ट, रेड चिलीज़ प्रोडक्शन, और शाहरुख, रणबीर कपूर, सलमान खान व अन्य कलाकारों के कैमियो रूमर्ड के साथ कम ही नए कलाकार डेब्यू करते हैं। लेकिन आर्यन की ख़ासियत यह है कि उन्होंने आसान रास्ता न अपनाने हुए स्टारडम की बजाय कहानी कहने को, ग्लैमर की बजाय कला को चुना है।
आर्यन खान का डेब्यू ऐसे समय में हो रहा है जब बॉलीवुड स्ट्रीमिंग के दौर में अपनी पहचान पर फिर से सोचना शुरू कर रहा है। उनका प्रोजेक्ट उस पीढ़ी की आवाज़ को दर्शाता है, जो सिनेमा देखते हुए बड़ी हुई है, लेकिन उसकी आलोचना करने से नहीं डरती। जबकि उनके पिता दुनिया के सबसे बड़े स्टार्स में से एक है। आर्यन का सफ़र बताता है कि वह किसी टैग को पाने की होश में शामिल नहीं है। बल्कि, वह अपना एक अलग साम्राज्य बनाने की तैयारी में लगे हैं, जहां उनका सरनेम सिर्फ़ शुरुआत है, पूरी कहानी नहीं।