Asha Bhosle Top Songs: 'अभी न जाओ ' कह कर चली गईं 'क्वीन ऑफ वर्सटैलिटी', आशा भोसले ने इन टॉप गानों से बनाई थी दुनिया में पहचान

Asha Bhosle Top Songs: भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय आज हमेशा के लिए बंद हो गया। अपनी आवाज से सात दशकों तक करोड़ों दिलों की धड़कन बनने वाली आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। ऐसे में गायिका के वह गाने जो आज भी हर इंसान के जुबान पर रहते हैं उन गानों के याद करते हैं।

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 3:05 PM
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भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय आज हमेशा के लिए थम गया। अपनी मखमली और चुलबुली आवाज से सात दशकों तक करोड़ों दिलों की धड़कन बनने वाली आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। वे सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि एक अहसास थीं, जिन्होंने हर पीढ़ी को अपनी धुन पर नचाया और हर जज्बात को एक नई पहचान दी।

वो जादुई गीत, जिन्होंने आशा ताई को बनाया 'क्वीन ऑफ वर्सटैलिटी'

आशा जी के करियर में हजारों गाने हैं, लेकिन कुछ ऐसे नगीने हैं जिनके बिना संगीत का इतिहास अधूरा है:


1. इन आंखों की मस्ती: साल 1981 की फिल्म 'उमराव जान' का यह गाना गजल गायकी का शिखर माना जाता है। रेखा पर फिल्माए गए इस गाने ने आशा जी को नेशनल अवॉर्ड दिलाया था।

2. दम मारो दम: 'हरे रामा हरे कृष्णा' का यह गाना आज भी युवाओं का एंथम है। जीनत अमान की अदाकारी और आशा जी की बिंदास आवाज ने इसे अमर बना दिया।

3. पिया तू अब तो आजा: फिल्म 'कारवां' के इस कैबरे सॉन्ग में आशा जी की सांसों की आवाज और "मोनिका... ओ माय डार्लिंग" आज भी रोंगटे खड़े कर देता है।

4. ओ मेरे सोना रे सोना रे: 'तीसरी मंजिल' का यह रोमांटिक ट्रैक आशा जी और मोहम्मद रफी की जुगलबंदी का बेहतरीन उदाहरण है।

5. कह दूं तुम्हें: फिल्म 'दीवार' का यह गाना आज भी पार्टियों और रीमिक्स की जान है। इसमें उनकी चुलबुली आवाज का जादू देखते ही बनता है।

6. आओ ना गले लगा लो ना: 'मेरे जीवन साथी' में हेलेन के लिए गाया गया यह गाना आशा जी की रेंज को दर्शाता है।

7. सजना है मुझे सजना के लिए: 'सौदागर' फिल्म का यह गाना आज भी हर शादी और श्रृंगार के मौके पर बजता है।

8. मुझे नौलखा मंगा दे रे: 'शराबी' फिल्म का यह लोकगीत और क्लासिकल का मिश्रण आशा जी की कलाकारी का प्रमाण है।

संघर्ष से सफलता तक

आशा जी का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। बड़ी बहन लता मंगेशकर के विशाल व्यक्तित्व के बीच अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन आशा जी ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने आर.डी. बर्मन के साथ मिलकर संगीत के ऐसे प्रयोग किए जिन्होंने बॉलीवुड को ग्लोबल पहचान दिलाई।

अलविदा सुरों की मल्लिका

पूरी दुनिया को अपनी धुन पर नचाने वाली आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ दिनों से ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं। सीने में इन्फेक्शन के बाद मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की वजह से उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने से संगीत के एक युग का अंत हो गया है, लेकिन उनकी आवाज फिजाओं में हमेशा गूंजती रहेगी।

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