शाहरुख खान की आइकॉनिक फिल्म 'चक दे! इंडिया' (2007) उनके करियर की मील का पत्थर है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कबीर खान का यह रोल सबसे पहले सलमान खान को ऑफर हुआ था? मेकर्स की पहली पसंद भाईजान थे, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। सालों तक फीस विवाद या क्रिएटिव डिफरेंस की अफवाहें चलीं, लेकिन सलमान ने 'सुल्तान' प्रमोशन के दौरान सच्चाई खोलकर रख दी।
सलमान ने हंसते हुए कहा था, "मैंने यह फिल्म इसलिए छोड़ी क्योंकि शाहरुख को भी कुछ अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए।" यह उनका SRK संग ब्रदरहुड दिखाता है। लेकिन गंभीरता से बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय उनकी इमेज 'पार्टनर' जैसी मसाला फिल्मों वाली थी। "चक दे! में फैंस मुझसे विग पहनकर मैच जीतने की उम्मीद करते, जो फिल्म के लिए गलत होता। यह मेरा जॉनर नहीं था।" सलमान को लगा कि परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड, सीरियस स्पोर्ट्स ड्रामा उनकी कमर्शियल इमेज से मेल नहीं खाता। "मैं कमर्शियल जोन में रहूंगा, लेकिन मीनिंगफुल स्टोरीज के साथ।" [
आदित्य चोपड़ा की यह फिल्म लैंडमार्क बन गई, जहां शाहरुख ने बेस्ट परफॉर्मेंस दी। सलमान ने माना कि उनकी जजमेंट गलत साबित हुई, लेकिन पछतावा नहीं। यह किस्सा बॉलीवुड में स्टार्स के रिजेक्शन की मिसाल है - 'बाजीगर', 'गजनी' जैसी फिल्में भी सलमान ने छोड़ीं, जो दूसरों के करियर चमकाईं।
अभी सलमान अपनी अपकमिंग वॉर ड्रामा 'बैटल ऑफ गलवान' की तैयारी में हैं। हिमेश रेशमिया का कंपोज्ड देशभक्ति गाना 'मातृभूमि' रिलीज हो चुका है, जो फैंस को भा रहा है। फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में धमाल मचाएगी। सलमान का कमर्शियल फोकस आज भी कायम है, जो 'चक दे!' रिजेक्शन को सही ठहराता है
फैंस जब यह सुनते हैं कि फिल्म पहले सलमान को ऑफर हुई थी, तो हैरान रह जाते हैं। कई लोगों का मानना है कि अगर सलमान यह रोल करते तो फिल्म का असर अलग होता, लेकिन शाहरुख ने इसे अमर बना दिया। वहीं इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि यह फैसला सलमान के करियर के लिए सही था क्योंकि उस दौर में उनकी फिल्में एक अलग शैली की थीं।
सलमान का यह बयान यह दिखाता है कि उन्होंने अपने करियर के साथ-साथ इंडस्ट्री के संतुलन को भी ध्यान में रखा। उन्होंने माना कि हर स्टार को कुछ महान फिल्मों का हिस्सा बनने का मौका मिलना चाहिए। यह सोच उनके खुले दिल और सहयोगी स्वभाव को दर्शाती है।