Gautami Kapoor: ‘The Bads of Bollywood’ की शूटिंग पर बॉबी देओल को रीटेक पर होती थी इरिटेशन, गौतमी कपूर ने शूटिंग के खोले कई राज

Gautami Kapoor: शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के डायरेक्टोरियल डेब्यू 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' ने रिलीज के बाद दर्शकों को खूब पसंद आया। इस सीरीज में बॉबी देओल और गौतमी कपूर जैसे दिग्गज कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। हाल ही में गौतमी ने एक इंटरव्यू में सेट के पीछे की अनसुनी कहानियां साझा कीं, खासकर बॉबी देओल के साथ काम करने का अनुभव, जो आर्यन की सख्ती से प्रभावित था।

अपडेटेड Jan 11, 2026 पर 2:30 PM
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शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने अपने डेब्यू वेब शो The Bads of Bollywood से इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। इस सीरीज को लेकर दर्शकों और समीक्षकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। लेकिन शूटिंग के दौरान कुछ दिलचस्प किस्से भी सामने आए हैं। एक्ट्रेस गौतमी कपूर, जो इस शो में अहम किरदार निभा रही हैं, ने हाल ही में बताया कि आर्यन खान की परफेक्शनिस्ट डायरेक्शन स्टाइल की वजह से कई बार कलाकारों को 10–15 बार तक रीटेक देने पड़े।

गौतमी कपूर का बयान

गौतमी ने खुलासा किया कि बॉबी देओल, जो शो में एक दमदार भूमिका निभा रहे हैं, कई बार इतने रीटेक्स के बाद चिढ़ जाते थे। उन्होंने कहा कि आर्यन हर सीन को बिल्कुल परफेक्ट बनाने के लिए बार-बार रीटेक करवाते थे। बॉबी जैसे अनुभवी कलाकार के लिए यह कभी-कभी थकाऊ हो जाता था, और वे झुंझलाहट जाहिर कर देते थे।


गौतमी कपूर ने बताया कि पहली मुलाकात शो रीडिंग के दौरान हुई। 25 कलाकारों वाले कमरे में आर्यन ने स्क्रिप्ट पढ़ना शुरू किया तो हर किरदार पर उनकी स्पष्टता देखकर वह दंग रह गईं। "24-25 साल का लड़का इतनी मैच्योरिटी के साथ प्रोजेक्ट को संभाल रहा है, यह हैरान करने वाला था। छोटे-बड़े रोल में कोई भेदभाव नहीं," उन्होंने कहा। गौतमी ने आर्यन की तारीफ करते हुए जोर दिया कि कई लोग उनके अकेले डायरेक्ट करने पर शक करते हैं, लेकिन 20 घंटे के शूट में उन्होंने हर सीन खुद स्टंट करके दिखाए। यह उनके हाथों-हाथ जुड़ाव को दर्शाता है, जो सेट पर नई ऊर्जा लेकर आया।

बॉबी देओल के बारे में बात करते हुए गौतमी ने उन्हें शांत और सौम्य इंसान बताया। "हमारे कई सीन साथ थे, लेकिन उन्होंने कभी स्टारडम का घमंड नहीं दिखाया। सब कुछ सामान्य रखा," उन्होंने कहा। हालांकि, आर्यन की परफेक्शनिस्ट आदत ने चुनौती दी। कभी एक-दो टेक में काम नहीं खत्म होता था; हमेशा 10-15 टेक लेते। इस दौरान बॉबी देओल भी इरिटेट हो जाते, चाहे मनोज बाजपेयी या कोई और हो। यह सेट की गहनता को दिखाता है, जहां सब एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बिठाते रहे।

आर्यन खान की डायरेक्शन स्टाइल

गौतमी कपूर ने आर्यन की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद क्लैरिटी और कॉन्फिडेंस के साथ काम करते हैं। स्क्रिप्ट रीडिंग से लेकर सेट पर हर सीन की बारीकी तक, आर्यन खुद एक्टर्स को डेमो देकर समझाते थे कि उन्हें किस तरह परफॉर्म करना है। यहां तक कि कई स्टंट्स भी उन्होंने खुद करके दिखाए ताकि कलाकारों को सही विजन मिल सके।

गौतमी ने यह भी कहा कि आर्यन की डायरेक्शन में एक मच्योरिटी और प्रोफेशनलिज्म है, जो उनकी उम्र से कहीं आगे है। यही वजह है कि कलाकारों को बार-बार रीटेक देने के बावजूद वे उनके विज़न को समझकर मेहनत करते रहे।

शाहरूख खान की तारीफ की

गौतमी ने शाहरुख खान की विनम्रता का भी जिक्र किया। प्रीमियर के दौरान वह उनकी बेटी को लिफ्ट तक छोड़ने गए, जो उनकी सादगी का प्रतीक है। कुल मिलाकर, यह सीरीज आर्यन की प्रतिभा और टीमवर्क का नमूना है, जो बॉलीवुड के बैड्स-गुड्स को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती है। दर्शकों ने इसे सराहा, और ये किस्से उद्योग की असलियत उजागर करते हैं।

बॉबी देओल की झुंझलाहट और प्रोफेशनलिज्म

हालांकि बॉबी देओल को कई बार रीटेक्स से चिढ़न होती थी, लेकिन उन्होंने कभी काम से पीछे हटने का रवैया नहीं दिखाया। उनकी मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म ने सीरीज़ को और भी दमदार बनाया। गौतमी ने कहा कि बॉबी का अनुभव और उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस शो को एक अलग ऊंचाई पर ले गई।

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