BTS: बीटीएस के आरएम के लिए जो गर्व का पल होना चाहिए था, वह जल्द ही इंटरनेट पर बहस का केंद्र बन गया। रैपर के हालिया भाषण ने लोगों को काफी नाराज कर दिया है। उनका उद्देश्य दुनिया भर के क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना था, पर इंटरनेट पर इसे तीखी प्रतिक्रिया मिल रही है। आरएम को जमकर ट्रोल किया जा रहा है।
अपनी बुद्धिमत्ता और शानदार स्पीच देने के लिए जाने जाने वाले आरएम ने हाल ही में APEC CEO समिट 2025 को संबोधित किया, जहां उन्होंने रचनात्मक उद्योगों को समर्थन देने और कलाकारों के लिए वैश्विक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
हालांकि, सशक्तिकरण के संदेश के रूप में जो कहा गया था, उसने जल्द ही एक अलग मोड़ ले लिया। उनकी स्पीच की कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसके बाद से ही सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके पिछले इंटरव्यू और क्लिप्स को फिर से सोशल मीडिया पर शेयर किया और आरएम पर एशियाई कलाकारों पर बीटीएस के प्रभाव के बारे में खुद की तारीफ और पाखंड करने का आरोप लगाया।
Him always acting so moralistic and diplomatic when in reality he is just a raging misogynist, narcissistic, racist, colourist, egocentric, sexist, pro nazi, zionist enabler, investor of AI company coz he's a weirdo, porn addict and gets off to books with sexual violence theme. https://t.co/OSOfrazL2K
— RED (@_bitchgtfo) October 29, 2025
विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ प्रशंसकों ने आरएम की बीटीएस द्वारा दूसरों के लिए "मार्ग प्रशस्त करने" वाले पिछले कमेंट को याद दिलाया। उनका एक बयान जिसे आलोचकों ने पिछले के-पॉप स्टार्स के प्रति उपेक्षा के रूप में व्याख्यायित किया था। एक यूजर ने लिखा-वह एक सीधा-सादा आत्ममुग्ध व्यक्ति है, हमेशा अपने बारे में शेखी बघारता रहता है और छोटे कलाकारों को बदनाम करता है। मीडिया को मूर्ख मत बनाओ, इसमें दूसरों के लिए ज़रा भी विनम्रता या सम्मान नहीं है।”
कुछ लोगों ने तो और भी आगे बढ़कर उनके व्यक्तित्व की कड़ी आलोचना की और उन्हें हाल के कॉर्पोरेट विवादों से जोड़ दिया। वह हमेशा नैतिकतावादी और कूटनीतिक व्यवहार करते हैं, जबकि असल में वह एक आत्ममुग्ध, नस्लवादी, रंगभेदी, अहंकारी, लिंगभेदी, नाज़ी समर्थक, ज़ायोनी समर्थक, एआई कंपनी के निवेशक हैं। क्योंकि आरएम एक अजीबोगरीब व्यक्ति हैं, एडल्ड फिल्मों का आदी हैं और यौन हिंसा वाली किताबें पढ़ने में रुचि रखता हैं।
कई यूज़र्स ने उनके लहजे में आए इस बदलाव पर भी सवाल उठाए और कहा कि, अब उन्हें दूसरे कलाकारों की परवाह है? जबकि कुछ साल पहले तक वो और उनका समूह अपने अलावा किसी और कलाकार का ज़िक्र करने से इनकार करते थे, यह कितना पाखंडी है।"
कुछ प्रशंसकों ने तर्क दिया कि आलोचना अनुचित थी और संदर्भ से हटकर की गई थी, जबकि अन्य ने ज़ोर देकर कहा कि यह अहंकार का एक पैटर्न दर्शाता है। वंडर गर्ल्स और साइ जैसे अन्य एशियाई कलाकारों का हवाला देते हुए कमेंट आते रहे, जिनका वैश्विक योगदान बीटीएस से पहले का है।
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