CBFC Fresh Advisory: किसी फिल्म को रिलीज के लिए तैयार करना एक लंबी प्रक्रिया है और फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों के सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म निर्माताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों के साथ एक नई एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने फिल्मों के टाइटल, सर्टिफिकेशन और रिलीज की तारीखों के बारे में भी कुछ बातें स्पष्ट की हैं।
यह एडवाइजरी 26 अक्टूबर 2026 को जारी की गई थी और इस पर CBFC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजेंद्र सिंह के हस्ताक्षर हैं। इसमें फिल्म निर्माताओं से कहा गया है कि वे रिलीज से ठीक पहले अपनी फिल्मों को सर्टिफाई कराने की जल्दबाजी करने के बजाय पहले से योजना बनाएं।
CBFC ने कहा है कि फिल्म निर्माताओं को सर्टिफिकेशन के लिए अपनी फिल्मों का फाइनल वर्जन जमा करना होगा। इसका मतलब है कि सब कुछ तैयार होना चाहिए, जिसमें ग्राफिक्स, बैकग्राउंड म्यूजिक, गाने और एक्सेसिबिलिटी फीचर्स शामिल हैं। फिल्म निर्माता अधूरी फिल्में (जिनमें अस्थायी ग्राफिक्स हों या कुछ हिस्से गायब हों) जमा करके यह उम्मीद नहीं कर सकते कि बोर्ड उनके आवेदनों पर काम करेगा। ऐसी फिल्मों के आवेदन में देरी हो सकती है या उन्हें खारिज भी किया जा सकता है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी आवेदन को आधिकारिक तौर पर तभी प्राप्त माना जाएगा, जब वह पूरी तरह से तैयार (complete) हो। इसलिए अधूरी फिल्म को जल्दी भेज देने से फिल्म निर्माताओं को सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में कोई फायदा नहीं मिलेगा।
क्या फिल्म निर्माताओं ने अपनी फिल्मों के टाइटल पहले ही घोषित कर दिए हैं? खैर इसका मतलब यह नहीं है कि ये नाम फाइनल हैं! नई एडवाइजरी के अनुसार CBFC फिल्म के टाइटल की समीक्षा कर सकता है और उसमें बदलाव के लिए भी कह सकता है। यह नियम उन टाइटल्स पर भी लागू होता है जिनका इस्तेमाल प्रमोशन में किया गया है और उन पर भी जो सर्टिफिकेशन आवेदनों में दिए गए हैं।
जांच समिति (examining committee) या पुनरीक्षण समिति (revising committee) फिल्म के टाइटल की जांच कर सकती है और तय कर सकती है कि इसमें किसी बदलाव की जरूरत है या नहीं। यह नियम सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 की धारा 5B(1) और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) नियम 2024 के नियम 25 के अंतर्गत आता है।
CBFC का उन फिल्म निर्माताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैसेज है जो रिलीज की तारीखों की घोषणा महीनों पहले कर देते हैं। बोर्ड का कहना है कि केवल इसलिए कि किसी फिल्म की रिलीज की तारीख तय है, वह अपनी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को तेज नहीं करेगा और न ही उसमें कोई बदलाव करेगा। हर फिल्म को नियमित जांच और समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। जांच और पुनरीक्षण समितियां कानून के तहत तय की गई समय-सीमा और नियमों का ही पालन करेंगी।
इस एडवाइजरी में यह भी साफ किया गया है कि अगर फिल्म निर्माताओं को सर्टिफिकेशन के लिए पर्याप्त समय छोड़े बिना फिल्म रिलीज करने की योजना बनाने की वजह से कोई परेशानी आती है, तो इसके लिए CBFC जिम्मेदार नहीं होगा। इसलिए, बोर्ड ने फिल्म निर्माताओं से अपनी फिल्में काफी पहले भेजने के लिए कहा है। इससे CBFC को फिल्में देखने और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव का सुझाव देने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
यह नई एडवाइजरी तब आई है जब हाल ही में कई फिल्मों को सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। विजय की फिल्म 'जना नायकन' इसका एक उदाहरण है। इस फिल्म को सर्टिफिकेशन मिलने में देरी हुई और इसके निर्माताओं ने इस मुद्दे को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (जिसका पहले नाम 'पंजाब '95' था) को भी CBFC से कभी मंजूरी नहीं मिली। इस फिल्म को चुपचाप Zee5 पर रिलीज कर दिया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर इसे हटा दिया गया।
CBFC ने सितंबर में नई गाइडलाइंस भी जारी की थीं। वहीं, बोर्ड के लिए 18 नए सदस्यों की घोषणा के तुरंत बाद यह नई एडवाइजरी आई है। 2017 के बाद यह पहली बार है जब CBFC का नए सदस्यों के साथ पुनर्गठन किया गया है। इस सूची में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और सुनील शेट्टी जैसे अभिनेता शामिल हैं, साथ ही पल्लवी जोशी, रिकी केज और सुप्रिया यारलागड्डा भी इसमें शामिल हैं।