बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में कई ऐसे सितारे आए जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से इतिहास रच दिया, लेकिन परदे के पीछे उनकी निजी जिंदगी किसी त्रासदी से कम नहीं रही। ऐसी ही एक अदाकारा हैं सलमा आगा। 80 के दशक में फिल्म 'निकाह' से रातों-रात सुपरस्टार बनने वाली सलमा की खूबसूरती और उनकी आवाज के लाखों दीवाने थे, लेकिन आज वह गुमनामी और अकेलेपन का जीवन जी रही हैं।
पहली ही फिल्म से बनीं नेशनल सेंसेशन
सलमा आगा का जन्म 1954 में पाकिस्तान के कराची में हुआ था। वह एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती थीं जिसका सिनेमा से पुराना नाता था। उन्होंने 1982 में बी.आर. चोपड़ा की फिल्म 'निकाह' से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े, बल्कि इसके गाने 'दिल के अरमां आंसुओं में बह गए' ने सलमा को घर-घर में पहचान दिला दी। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था।
बहुत कम लोग जानते हैं कि सलमा आगा का कपूर खानदान के साथ गहरा रिश्ता है। सलमा की नानी की शादी राज कपूर के मामा जुगल किशोर से हुई थी। फिल्मी विरासत उन्हें विरासत में मिली थी। उनकी नानी अनवरी बाई बेगम और मां नसरीन ने भी अपने दौर की मशहूर फिल्मों में काम किया था।
निजी जिंदगी: 4 अफेयर और 3 असफल शादियां
सलमा आगा की पेशेवर कामयाबी जितनी बुलंद रही, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही उथल-पुथल भरी रही। उन्होंने अपनी जिंदगी में तीन शादियां कीं:
1. जावेद शेख: पाकिस्तानी अभिनेता जावेद शेख के साथ उनकी पहली शादी ज्यादा वक्त नहीं चल सकी। जावेद ने एक इंटरव्यू में बताया था कि सलमा काफी इनसिक्योर रहती थीं।
2. रहमत खान: इसके बाद उन्होंने मशहूर स्क्वैश खिलाड़ी रहमत खान से शादी की, जिनसे उनके दो बच्चे (साशा और लियाकत) हैं, लेकिन यह रिश्ता भी तलाक पर खत्म हुआ।
3. मंजर शाह: उनकी तीसरी शादी दुबई के बिजनेसमैन मंजर शाह से हुई, पर यह भी सफल नहीं रही।
शादियों के अलावा उनके चार अफेयर भी चर्चा में रहे, जिनमें बिजनेसमैन महमूद सिप्रा के साथ उनका रिश्ता काफी गंभीर था। कहा जाता है कि महमूद के प्यार में उन्होंने अपने करियर तक को दांव पर लगा दिया था, लेकिन अंत में वहां भी उन्हें धोखा ही मिला।
70 की उम्र पार कर चुकीं सलमा आगा आज चकाचौंध से दूर मुंबई में अपनी बेटी ज़ारा खान के साथ रहती हैं। ज़ारा भी अपनी मां के पदचिन्हों पर चलते हुए एक्टिंग और सिंगिंग में हाथ आजमा रही हैं। तीन शादियों और कई रिश्तों के बाद भी सलमा आज अपनी जिंदगी के इस पड़ाव पर खुद को अकेला पाती हैं। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि शोहरत और कामयाबी के शिखर पर होने के बावजूद, सुकून और सच्चा साथ मिलना किस्मत की बात होती है।