Cinema Ka Flashback: 'मैं किसी की सौतन नहीं...', जब इस निर्देशक के प्यार में गिरफ्तार आशा पारेख ने उम्रभर के लिए चुनी तन्हाई

Cinema Ka Flashback: आशा पारेख को डायरेक्टर से बहुत प्यार था। लेकिन दिग्गज अभिनेत्री को किसी की सौतन बनना मंजूर नहीं था। वह किसी का घर तोड़कर अपनी खुशियों का महल खड़ा नहीं करना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने प्यार के बजाय ताउम्र के लिए अकेलापन चुन लिया...

अपडेटेड Aug 18, 2025 पर 2:35 PM
मैं किसी का घर नहीं तोड़ना चाहती थी-आशा पारेख

Cinema Ka Flashback: प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है..., आशा पारेख पर फिल्माया गया ये गाना उनकी रियल लाइफ पर बिल्कुल सटीक बैठता है। प्यार का नाम सिर्फ पाना नहीं होता...कुछ ऐसा दिग्गज अभिनेत्री ने अपने जीवन में करके दिखाया। बिना किसी का दिल और घर तोड़े उसे बेइंतहा प्यार करना किसे कहते हैं, कोई आशा से पूछे। जिसको उन्होंने सबसे ज्यादा प्यार किया, उसी को जीवनभर के लिए त्याग दिया। लेकिन उसकी जगह उम्रभर किसी और को नहीं दी।

1978 में आशा पारेख की फिल्म मैं तुलसी तेरे आंगन की रिलीज हुई थी। फिल्म को दर्शकों का बहुत प्यार मिला था। इस फिल्म में आशा पारेख ने 'तुलसी' को रोल अदा किया था। फिल्म में वह हीरो की दूसरी पत्नी बनी थी। खास बात यह थी कि ढेर सारी महिलाओं ने आशा को 'तुलसी' के लेटर तक लिखकर भेजे थे। वहीं एक्ट्रेस ने भी हर चिट्ठी का जवाब दिया था। ज्यादातर महिलाओं ने उनसे पूछा था कि क्या आप असल जिंदगी में किसी की दूसरी पत्नी बनना पसंद करेंगी?" आशा का जवाब था कि मैं किसी की सौतन कभी नहीं बनूंगी।

आशा पारेख की ऑटोबायोग्राफी आशा पारेख: द हिट गर्ल में उनकी जिंदगी के कई अनसुने किस्से शामिल हैं। इसमें उनकी जिंदगी की कई खुशी वाली और दुख से भरी स्टोरीज पढ़ने को मिलती हैं। आशा ने एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के सबसे खास इंसान को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने अपनी शादी न करने के राज से भी पर्दा उठाया था। 60-70 के दशक की मशहूर अभिनेत्री ने बताया था कि नासिर हुसैन मेरे जीवन में एक ऐसे इंसान थे, जिनसे मैंने बहुत प्यार किया। अगर मैं अपनी आत्मकथा में उन लोगों का ही जिक्र न करूं, जो मेरे सबसे करीब थे, तो इसे लिखने का कोई फायदा नहीं।


आशा पारेख नासिर हुसैन से बहुत प्यार करती थीं। उन्होंने नासिर के निर्देशन में बनी लगभग 7 फिल्मों में काम किया था। दोनों की उम्र में काफी अंतर था। लेकिन फिर भी आशा उनके प्यार में गिरफ्तार हो गईं थी। नासिर पहले शादीशुदा बाल बच्चे वाले परिवार के थे। ये बात एक्ट्रेस को पता था। आशा ने उनके परिवार से कभी अलग करने की कोशिश तक नहीं। आशा पारेख ने बताया था कि मैं किसी का घर तोड़ने वाली नहीं कहलाना चाहती थी और न ही बनना चाहती थी। उस दौर में आशा और नासिर के रिश्ते के चर्चे पूरी माया नगरी में थे। लेकिन आशा ने इस बारे में कभी कुछ भी खुलकर नहीं कहा। सालों बाद अपनी आत्मकथा में उन्होंने इस रिश्ते का बिना किसी झिझक के जिक्र किया।

आशा ने उसी समय बताया था कि शादियां ऊपरवाला कराता है। लेकिन शायद भगवान मेरी जोड़ी बनाना भूल गए थे। एक्ट्रेस ने कहा कि उनकी मां चाहती थीं कि उनका भी घर बस जाए, लेकिन कोई रिश्ता पक्का ही नहीं हुआ। आशा ने बताया कि एक बार किसी ने भविष्यवाणी की थी कि उनकी शादी अगर हो भी गई तो टिकेगी नहीं। उनकी मां ने इस बात पर भरोसा नहीं किया, वह आशा की शादी कराने की कोशिश में लगी रहीं। लेकिन आशा की शादी नहीं हुई।

आशा पारेख का मानना है कि मेरे लिए शादी से ज्यादा जरूरी थी एक अच्छा रिश्ता है। मैं सिर्फ शादी का टैग लगाने के लिए शादी नहीं करना चाहती थी। आशा पारेख के पिता हिंदू थे और मां मुस्लिम । वह अपने माता पिता की इकलौती बेटी हैं। आशा खुद को अकेला नहीं मानतीं। एक्ट्रेस अपनी पक्की वाली सहेलियों हेलन और वहीदा रहमान के साथ लगातार देश-विदेश घूमती रहती हैं। हेलन की वजह से आशा का सलमान खान के परिवार से काफी करीबी रिश्ता है।

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