Cinema Ka Flashback: जब Vidya Balan पर लगाया गया 'मनहूस' होने का ठप्पा, रातोंरात 12 फिल्मों से कर दिया गया बाहर

Cinema Ka Flashback: बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन लाखों दिलों पर राज करती हैं। अपनी अदाकारी का लोही मनवा चुकी एक्ट्रेस लोगों की बातों की ज्यादा परवाह नहीं करती हैं। एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने खुलासा किया था कि कैसे वह जादू टोना का शिकार हुईं और लोगों ने उन्हें मनहूस का टैग दे दिया था।

अपडेटेड Jul 10, 2025 पर 3:28 PM
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विद्या बालन काफी समय से बड़े पर्दे से दूर चल रही हैं। पिछली बार वह एक्टर प्रतीक गांधी के साथ फिल्म 'दो और दो प्यार'नजर आईं थी। विद्या सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहती हैं। एक्ट्रेस हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखती हैं। अपने करियर की शुरुआती दौर के बारे में बात करते एक्ट्रेस बताया कि कैसे उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में विच हंटिंग से गुजरना पड़ा। कैसे वह जादू टोना का शिकार हुईं और लोगों ने उन्हें मनहूस का टैग दे दिया था।

मीडिया से बातचीत के दौरान विद्या बालन ने बताया, 'ईमानदारी से बताऊं तो हां मुझ पर जादू टोना तक किया गया था। किसी को मुझसे दिक्कत थी तो मुझपर जादू टोना कराया गया था। लेकिन ठीक है। मैं आज एकदम स्वस्थ हूं।' एक्ट्रेस ने कहा, 'आपको मेरी मां से मिलना चाहिए था। जब भी मैं दर्शन के लिए बाहर जाती थी तो वह पहले मुझे सिर से पांव तक अच्छे से देखती थी और पूछतीं कि क्या मेरा इस तरह से तैयार होकर जाना सही है? उनके ऐसा कहने पर अचानक से मेरा कॉन्फिडेंस गिर जाता था। क्योंकि मैं उनको परेशान देख लेती थी। सच कहूं तो मेरा भारी शरीर उस समय पहने गए कपड़ों के कारण हुआ।'

वहीं विद्या बालन ने फिल्मी कल्चर के बारे में भी खुलकर बात करते हुए कई खुलासे किए। एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे उनका नाम लेखों में जबरदस्ती घसीटा गया, जबकि उनका उन चीजों से कोई लेना देना नहीं था। पेज 3 कल्चर शुरू हो गया था और मैं सभी गलत वजहों से इसका हिस्सा बन चुकी थी। लोगों ने उन लेखों में मेरा जिक्र किया, जिनसे मेरा कोई नाता नहीं था। वह ऐसा समय था, जब मेरा फिल्मी करियर शुरू ही हुआ था। मुझे लग रहा था कि मैं इन सब चीजों से बाहर कभी नहीं आ पाउंगी। लेकिन मैं उससे निपटी और आज मैं वह काम करती हूं, जो मैं करना चाहती थी। वही पहनती हूं, जो मेरा मन होता है। कौन क्या कह रहा है, मुझे इसकी जरा भी परवाह नहीं है।


विद्या बालन ने कहा कि मुझे को 'मनहूस' तक कहा गया था। बिना गलती दर्जनों फिल्मों से निकाल दिया गया था। इतने रिजेक्शन के कारण मैं तीन साल तक परेशान रही। आगे बढ़ने की इच्छा ही खत्म हो गई थी। लेकिन मेरे अंदर काम की भूख इतनी थी कि सारी चीजों पर वह भारी पड़ गई।

मोहनलाल के साथ फिल्म बंद हुई। उसके बाद एक और फिल्म बंद हो गई, जिसके बाद लोगों ने मुझे मनहूस का ठप्पा दे दिया। वो समय बहुत बुरा था। रातोंरात मुझे 12 फिल्मों से रिप्लेस किया गया था। लेकिन फिर भी मैंने हार नहीं मानी। आज आपके सामने हूं।एक्ट्रेस ने नेपोटिज्म पर भी खुलकर बात की है। उन्होंने कहा, 'नेपोटिज्म है या नहीं मुझे नहीं पता, लेकिन मैं यहां हूं। इंडस्ट्री किसी के बाप की नहीं है। नहीं तो हर बाप का बेटा, हर बाप की बेटी आज सुपरस्टार होती।'

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