भारतीय फिल्म समीक्षक संघ (Film Critics Guild) ने एक बार फिर सिनेमा और वेब सीरीज की दुनिया के असली हुनर को पहचानते हुए 8वें क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड्स (Critics’ Choice Awards 2026) का आयोजन किया। मंगलवार को आयोजित इस गरिमामय समारोह में ग्लैमर्स से ज्यादा कंटेंट और अभिनय की ताकत का बोलबाला रहा। जहां फिल्म 'होमबाउंड' और वेब सीरीज 'ब्लैक वारंट' ने सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स अपने नाम किए, वहीं दिग्गज अभिनेत्री फरीदा जलाल को उनके दशकों लंबे योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
'होमबाउंड' और विशाल जेठवा का जलवा
इस साल की अवॉर्ड नाइट में फिल्म होमबाउंड ने अपनी छाप छोड़ी। फिल्म ने चार मुख्य श्रेणियों में जीत हासिल की। विशाल जेठवा को उनकी बेहतरीन अदाकारी के लिए 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' के पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं, निर्देशक नीरज घेवान को 'सर्वश्रेष्ठ निर्देशक' चुना गया। फिल्म की सादगी और गहराई को समीक्षकों ने खूब सराहा, जिसके चलते इसे 'सर्वश्रेष्ठ फिल्म' का खिताब भी मिला। शालिनी वत्स को इसी फिल्म के लिए 'सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री' का सम्मान मिला।
डिजिटल स्पेस की बात करें तो जयदीप अहलावत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह अभिनय के उस्ताद हैं। उन्हें 'पाताल लोक सीजन 2' में हाथीराम चौधरी के किरदार के लिए 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का अवॉर्ड मिला। वहीं, विक्रमादित्य मोटवाने की सीरीज 'ब्लैक वारंट' ने तकनीकी और निर्देशन के क्षेत्र में बाजी मारी। इस सीरीज को 'सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज' और 'सर्वश्रेष्ठ निर्देशन' सहित चार श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। तिलोत्तमा शोम को 'पाताल लोक 2' के लिए 'सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री' चुना गया।
फरीदा जलाल: सिनेमा का अनमोल रत्न
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह था जब दिग्गज अभिनेत्री फरीदा जलाल को 'एक्सट्राऑर्डिनरी कॉन्ट्रिब्यूशन टू सिनेमा' अवॉर्ड दिया गया। अपनी सुरीली आवाज और मुस्कान के साथ उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मैं इस सम्मान के लिए बहुत आभारी हूँ। आप अपने काम को कितना भी समय दें, असली संतुष्टि ऐसी पहचान मिलने पर ही आती है।" उनकी उपस्थिति ने शाम को और भी गरिमामय बना दिया।
विजेताओं की पूरी सूची पर एक नजर
समारोह में अन्य प्रमुख विजेताओं में प्रियंका बोस (फिल्म 'आगरा' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री) और मोनिका पंवार (वेब सीरीज 'खौफ' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री) शामिल रहीं। लघु फिल्मों (Short Films) की श्रेणी में शीबा चड्ढा और सनी हिंदुजा ने अपनी कलाकारी का लोहा मनवाया। यह अवॉर्ड समारोह इस बात का प्रतीक है कि भारतीय दर्शक और समीक्षक अब केवल बड़े बजट की फिल्मों के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि ऐसी कहानियों को महत्व दे रहे हैं जो समाज का आईना दिखाती हैं और दिल को छू जाती हैं।