बॉलीवुड के चाहने वालों के लिए फरवरी का महीना खास होने वाला है। वैलेंटाइन वीक से ठीक पहले सलमान खान की आइकॉनिक 'तेरे नाम', शाहरुख खान की 'देवदास' और अन्य कल्ट फिल्में सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज हो रही हैं। 90 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों की ये फिल्में नई पीढ़ी को पुराने जमाने का जादू दिखाएंगी।
सलमान के राधे भैया का इमोशनल कमबैक
2003 में रिलीज हुई 'तेरे नाम' सलमान खान के करियर का माइलस्टोन रहा। सतीश कौशिक के निर्देशन में बनी इस रोमांटिक ड्रामा में सलमान ने राधे का किरदार निभाया । लंबे बाल, गुंडा लुक और आंखों में बेपनाह प्यार का दर्द भरा ये किरदार दर्शकों के दिलों पर धाक जमा चुका है । भूमिका चावला के साथ उनकी केमिस्ट्री ने दर्शकों को बांध लिया। फिल्म ने शुरुआत में मिली-जुली कमाई की, लेकिन कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया। गाने जैसे 'तुमसे कोई प्यारा' और टाइटल ट्रैक आज भी हिट हैं। 27 फरवरी 2026 को PVR-इनॉक्स थिएटर्स में री-रिलीज होगी।
शाहरुख की 'देवदास' का भव्य वापसी
संजय लीला भंसाली की 2002 मैग्नम ओपस 'देवदास' 6 फरवरी को रिलीज होगी। शाहरुख के ट्रेजिक लवर, ऐश्वर्या राय की पारो और माधुरी दीक्षित की चंद्रमुखी ने दिल जीत लिया। फिल्म का ग्रैंड सेट्स, डायलॉग्स और संगीत अमर हैं। 24 साल बाद थिएटर्स में लौट रही है। फैंस काफी उत्साहित हैं।
20 फरवरी को मणिरत्नम की 'युवा' आएगी। अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, अभिषेक बच्चन स्टारर यह क्राइम थ्रिलर युवाओं की बगावत दिखाती है। तीनों फिल्में वैलेंटाइन से पहले प्यार, दर्द और एक्शन का तड़का लगाएंगी। मेकर्स को भरोसा है कि 'सनम तेरी कसम' जैसी पिछली री-रिलीज की तरह सफलता मिलेगी। नई जनरेशन को ये क्लासिक्स विरासत सौंपेंगी। फैंस टिकट बुकिंग का इंतजार कर रहे।
की री-रिलीज का मकसद है कि नई पीढ़ी भी इन कल्ट क्लासिक्स को बड़े पर्दे पर अनुभव कर सके। आज के दर्शक, जो ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फिल्में देखते हैं, उन्हें सिनेमाघरों में इन फिल्मों का असली जादू महसूस करने का मौका मिलेगा। साथ ही, पुराने दर्शकों के लिए यह एक नॉस्टैल्जिक सफर होगा, जहां वे अपनी यादों को फिर से जी पाएंगे।
फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि इन फिल्मों की री-रिलीज से सिनेमाघरों में एक बार फिर भीड़ उमड़ सकती है। खासकर सलमान और शाहरुख के फैंस के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं होगा। सोशल मीडिया पर भी लोग इन फिल्मों की वापसी को लेकर उत्साहित हैं और कह रहे हैं कि “अब फिर से बड़े पर्दे पर वही जादू देखने को मिलेगा।”