Bhuvan Bam: दिल्ली हाईकोर्ट ने भुवन बाम के पक्ष में सुनाया ऐतिहासिक फैसला, डीपफेक हटाने के दिए निर्देश

Bhuvan Bam: दिल्ली हाईकोर्ट ने भुवन बाम के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल करने वाले डीपफेक वीडियो और मिसलीडिंग विज्ञापनों को 36 घंटों के भीतर हटाने का कड़ा आदेश दिया है।

अपडेटेड May 01, 2026 पर 3:35 PM
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आज के डिजिटल युग में जहां तकनीक हमारे जीवन को आसान बना रही है, वहीं इसका दुरुपयोग मशहूर हस्तियों और आम जनता के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसी कड़ी में भारत के सबसे लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और अभिनेता भुवन बाम ने अपनी डिजिटल पहचान और साख को बचाने के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भुवन बाम के पक्ष में 'अंतरिम राहत' प्रदान की है।

क्या है पूरा मामला?

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भुवन बाम के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो बनाए जा रहे थे। इन वीडियो में न केवल उनकी छवि का गलत इस्तेमाल किया गया, बल्कि उनके लोकप्रिय किरदारों BB Ki Vines के जरिए सट्टेबाजी और फर्जी टेलीग्राम चैनलों को बढ़ावा दिया जा रहा था। इन भ्रामक विज्ञापनों से न केवल भुवन की छवि धूमिल हो रही थी, बल्कि हजारों मासूम लोग भी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे थे।

अदालत की सख्त टिप्पणी और आदेश


मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने 28 अप्रैल, 2026 को इस पर सुनवाई की। कोर्ट ने माना कि भुवन बाम की अनुमति के बिना उनकी आवाज और चेहरे का व्यावसायिक इस्तेमाल करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की सामग्री न केवल एक कलाकार को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि सार्वजनिक हित के लिए भी खतरनाक है क्योंकि लोग इन चेहरों पर भरोसा कर गलत निवेश या सट्टेबाजी में फंस सकते हैं।

न्यायालय ने अपने आदेश में Google, Meta (Facebook/Instagram), Flipkart और Spotify जैसी दिग्गज कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि भुवन बाम से संबंधित ऐसे सभी विवादित लिंक और वीडियो को 36 घंटों के भीतर प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।

कलाकार से लेकर जनता तक की सुरक्षा

भुवन बाम ने इस कानूनी लड़ाई को केवल एक व्यक्तिगत जीत के रूप में नहीं, बल्कि 'उपभोक्ता संरक्षण' के रूप में पेश किया है। उनका मानना है कि एक क्रिएटर के तौर पर उनकी जिम्मेदारी अपने दर्शकों के प्रति भी है। फर्जी विज्ञापनों के जरिए लोग उन्हें अपना आदर्श मानकर ठगी का शिकार हो सकते थे।

यह फैसला भविष्य में डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ एक नजीर बनेगा। जहां एक ओर भुवन बाम अपने बॉलीवुड डेब्यू 'कुकू की कुंडली' (धर्मा प्रोडक्शंस) और अमेज़न प्राइम की सीरीज को लेकर चर्चा में हैं, वहीं इस कानूनी जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में किसी की पहचान चुराना अब इतना आसान नहीं होगा।

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