2025 में OTT प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की कहानियां ऐसा तूफान लाईं कि पुरुष-प्रधान कंटेंट पीछे छूट गया। ये शोज सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि उन औरतों की सच्ची ताकत की गवाही देते हैं जो अपराध की गहराइयों से लेकर घर की चारदीवारी तक हर जंग लड़ती हैं। साल भर में महिला-केंद्रित सीरीज ने दर्शकों के दिलों पर राज किया, खासकर माधुरी दीक्षित की 'मिसेज देशपांडे' ने तो कमाल कर दिया। आइए जानते हैं किन सीरीज ने पूरे साल मचाया धमाल।
क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए 'मंडला मर्डर्स' एक बेमिसाल धमाका साबित हुई। इसमें एक महिला जांच अधिकारी न सिर्फ खौफनाक हत्याओं की गुत्थियां सुलझाती है, बल्कि अपने मानसिक दबाव और नैतिक दुविधाओं से भी जूझती नजर आती है। पुरानी रस्मों और आधुनिक अपराधों का घालमेल इसे और रोमांचक बनाता है। दर्शकों ने इसे सस्पेंस और मनोवैज्ञानिक गहराई के लिए सराहा।
'डब्बा कार्टेल' वो कहानी है जो दिखाती है कि समाज द्वारा कमजोर समझी जाने वाली औरतें असल में कितनी स्मार्ट होती हैं। एक साधारण घरेलू माहौल से शुरू होकर ये सीरीज अपराध की भयानक दुनिया में धकेल देती है। यहां महिलाएं चालाकी और रणनीति से सत्ता हथियाती हैं, वो भी बिना किसी शोर-शराबे के। ये शो साबित करता है कि असली पावर चुपचाप आती है।
भावुक दर्शकों को 'मिसेज' ने गहराई से छुआ। ये सीरीज एक विवाहित महिला के संघर्ष को बयां करती है, जो घरेलू जिम्मेदारियों और समाज की अपेक्षाओं के जाल में फंसी अपनी पहचान तलाशती है। वो सवाल उठाती है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं चुप रहना ही क्या सही है? सादगी से बुनी इस सीरीज की कहानी ने कई दिल को जीता।
साल की सबसे हंगामा मचाने वाली 'मिसेज देशपांडे' में माधुरी दीक्षित एक पूर्व अपराधी के किरदार में चमकती हैं। जेल से रिहा होकर वो पुलिस की मदद से एक नए केस को सुलझाती है, लेकिन उनका अपना अतीत लगातार सताता रहता है। सस्पेंस, मानसिक जटिलताएं और मां-बेटे का रिश्ता इस सीरीज को अनोखा बनाते हैं।
हल्के-फुल्के अंदाज की 'मिसेज अंडरकवर' में एक गृहिणी गुप्त मिशनों और रोजमर्रा की जिंदगी के बीच जुगाड़ लगाती है। ह्यूमर और एक्शन का जबरदस्त मिश्रण है जो दिखाता है कि औरतों की ताकत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है।
‘मंडाला मर्डर्स’, ‘मिसेज देशपांडे’, ‘डब्बा कार्टेल’, ‘Mrs’ और ‘साली मोहब्बत’ जैसी सीरीज ने 2025 को महिला-प्रधान कहानियों का साल बना दिया। यह बदलाव न सिर्फ मनोरंजन जगत के लिए अहम है, बल्कि समाज में महिलाओं की बढ़ती आवाज और उनकी ताकत का भी प्रतीक है।