Ghooskhor Pandat: नीरज पांडे की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडित' को लेकर विवाद अब सड़कों पर भी उतर आया है, जहां फिल्म पर विवादित टाइटल के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर निर्माता पांडे और फिल्म के लीड एक्टर अभिनेता मनोज बाजपेयी के पुतले जलाए गए। फिल्म पर ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करने का आरोप है क्योंकि इसमें 'घूसखोर' शब्द को पंडित से जोड़ा गया है, जो ब्राह्मणों या हिंदू पुजारियों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक बोलचाल का शब्द है।
प्रयागराज में शुक्रवार को सुभाष चौक पर प्रदर्शनकारियों ने निर्माता नीरज पांडे, निर्देशक रितेश शाह और फिल्म के अभिनेताओं के पुतले जलाए। प्रदर्शनकारियों ने नेटफ्लिक्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, जहां फिल्म रिलीज होने वाली है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं पर 'हिंदुओं और ब्राह्मणों को निशाना बनाने के इरादे से' फिल्म बनाने का आरोप लगाया।
इसी तरह, इंदौर में ब्राह्मण समुदाय ने फिल्म के विरोध में प्रदर्शन किया और नेटफ्लिक्स तथा फिल्म के मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी के पुतले जलाए। परशुराम सेना के सदस्यों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और धमकी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मनोज और नीरज पांडे के चेहरे पर कालिख पोत देंगे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम फिल्म का विरोध करते हैं, इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए, अन्यथा मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे के चेहरे पर कालिख पोत दी जाएगी। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेंसर बोर्ड से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हैं।
घूसखोर पंडित एक थ्रिलर फिल्म है जिसमें मनोज बाजपेयी ने पंडित नाम के एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है। नीरज पांडे ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस बात को स्पष्ट किया और कहा कि फिल्म किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री, जिसमें फर्स्ट-लुक टीज़र भी शामिल है, हटाई जा रही है। बाद में भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि यह केंद्र के निर्देश पर किया गया है।
इस बीच, लखनऊ में फिल्म निर्माताओं के खिलाफ 'धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने' के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा ने इस कदम का स्वागत किया है। घूसखोर पंडित इस साल के अंत में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी। अभी तक रिलीज की तारीख घोषित नहीं की गई है।