मुंबई के मशहूर फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित शेट्टी टॉवर पर 1-2 फरवरी 2026 की रात को अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। यह घटना बॉलीवुड में सनसनी फैला देने वाली थी, क्योंकि यह महज एक हमला नहीं, बल्कि गैंगवार की धमकी का संकेत था। शुक्र है, रोहित शेट्टी और उनका परिवार सुरक्षित रहा, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और जांच तेज कर दी।
अब, दो महीने बाद, मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के बाह क्षेत्र स्थित महावीर नगर से 23 वर्षीय मुख्य आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोच लिया। गोलू कुख्यात शुभम लोणकर गैंग का सक्रिय सदस्य है, जो सोशल मीडिया के जरिए इस गिरोह से जुड़ा। वह फरवरी से फरार चल रहा था और पहले भी कई आपराधिक वारदातों में नामजद हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, यह फायरिंग फिल्म इंडस्ट्री, व्यापारियों और आम लोगों में डर फैलाने के लिए की गई थी, ताकि गैंग अपनी सुप्रीमेसी कायम रख सके।
पकड़े जाने के बाद गोलू को आगरा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे मुंबई ले जाया गया। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले इलाके की रेकी की थी। इस केस में अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें पुणे, यूपी, हरियाणा से पकड़े गए लोग शामिल हैं। मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस एक्ट, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मुख्य शूटर दीपक सहित अन्य आरोपी पहले ही नेट में फंस चुके हैं।
यह घटना बॉलीवुड के लिए चेतावनी है। रोहित शेट्टी जैसे बड़े निर्देशक, जिनकी 'सिंघम' सीरीज गैंगस्टर दुनिया को ही चित्रित करती है, खुद निशाना बन जाएं, यह सोचने पर मजबूर करता है। पुलिस का दावा है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी कनेक्शन भी उजागर हो रहे हैं। जांच जारी है, और उम्मीद है कि जल्द ही पूरा सच सामने आएगा। फिलहाल, रोहित शेट्टी ने इस पर चुप्पी साधे रखी है, लेकिन फैंस उनकी सुरक्षा की दुआ कर रहे हैं।