भारतीय सरकार ने डिजिटल कंटेंट को साफ-सुथरा बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पांच OTT प्लेटफॉर्म्स – MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu पर ब्लॉकिंग का आदेश जारी किया है। IT (इंटरमीडिएरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स 2021 के तहत ये एक्शन लिया गया, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, आपत्तिजनक और बच्चों के लिए हानिकारक सामग्री मिली। ये प्लेटफॉर्म्स गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाए जा चुके हैं, जबकि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इनकी वेबसाइट्स एक्सेस ब्लॉक करने का निर्देश है।
मंत्रालय के अनुसार, एक शिकायत के बाद इन प्लेटफॉर्म्स पर छापेमारी और कंटेंट स्कैनिंग हुई। रिपोर्ट में पाया गया कि ये सर्विसेज 'प्राइवेट' कैटेगरी में छिपाकर अश्लील वीडियो, न्यूडिटी और ग्राफिक सीन दिखा रही थीं। कुछ क्लिप्स में हिंसा, यौन शोषण और अनैतिक एक्टिविटीज को ग्लोरिफाई किया गया था, जो IPC की धारा 292 (अश्लील सामग्री वितरण) और POCSO एक्ट का उल्लंघन करती हैं। खास बात ये कि ये प्लेटफॉर्म्स सस्ते सब्सक्रिप्शन (99-499 रुपये) पर लाखों यूजर्स को टारगेट कर रहे थे, जिसमें ज्यादातर युवा और किशोर शामिल थे। सरकार ने चेतावनी दी कि इससे समाज में विकृति फैलने का खतरा है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की राह
ये कदम डिजिटल फ्रीडम और सेंसरशिप की बहस छेड़ रहा। OTT मार्केट, जो 2026 में 30,000 करोड़ का होने को है, अब सख्त निगरानी में आएगा। छोटे प्लेटफॉर्म्स बंद होने से क्रिएटर्स पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन सरकार का स्टैंड साफ है 'अश्लीलता को बर्दाश्त नहीं' किया जाएगा। इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे सही ठहराते हुए कहते हैं कि अश्लीलता पर रोक लगनी चाहिए, वहीं कुछ का मानना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश है। हालांकि, मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह कदम इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी भी है कि कंटेंट पब्लिश करते समय नियमों और नैतिक मानकों का पालन करना जरूरी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बाकी प्लेटफॉर्म्स इस घटना से क्या सबक लेते हैं और अपने कंटेंट को किस तरह से नियंत्रित करते हैं।