बॉलीवुड अभिनेता विशाल जेठवा की फिल्म 'होमबाउंड' 98वें ऑस्कर पुरस्कारों के अंतिम नामांकन की दौड़ में नहीं आ सकी, लेकिन अभिनेता ने इसे निराशा की बजाय गर्व का विषय बना लिया है। आठ दशक पुराने सपनों को साकार करने वाली यह फिल्म 86 अंतरराष्ट्रीय एंट्रीज में से शॉर्टलिस्ट में जगह बनाने में सफल रही। विशाल ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह सफर उनके लिए विश्वास और लगन का प्रतीक है।
विशाल ने भावुक होकर बताया, "अंतिम नॉमिनेशन न मिलने के बावजूद 86 में से 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाना बेहद गौरवान्वित करने वाला है। मैं एक साधारण परिवार से आता हूं, जहां सपने दूर की कौड़ी लगते हैं। 'होमबाउंड' का इतना आगे बढ़ना और भारत का वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व देखना असाधारण लगता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पुरस्कार से कहीं ऊपर ईमानदार कहानी कहना महत्वपूर्ण है।
फिल्म के डायरेक्टर नेशनल अवॉर्ड विजेता नीरज घायवान हैं, जिनकी दृष्टि ने इस प्रोजेक्ट को नई ऊंचाई दी। करण जौहर ने फिल्म पर भरोसा जताया, जबकि को-स्टार्स ईशान खट्टर और जान्हवी कपूर ने शूटिंग के दौरान प्रेरणा दी। विशाल ने कहा, "हर कदम पर विश्वास, मेहनत और सच्चाई की ताकत का एहसास हुआ। नीरज सर, करण सर, ईशान और जान्हवी का आभारी हूं।" फिल्म दो बचपन के दोस्तों की कहानी है, जहां ईशान खट्टर और विशाल जेठवा स्थिरता व सम्मान के लिए राष्ट्रीय पुलिस परीक्षा की तैयारी करते दिखते हैं।
यह यात्रा विशाल के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि वह एक 'कामवाली बाई' के बेटे हैं। लगान (2001) के बाद पहली बार किसी भारतीय फिल्म ने इस कैटेगरी में इतना संघर्ष किया। विशाल इसे सीने से लगाए भविष्य को देख रहे हैं। नॉमिनेशन में ब्राजील की 'द सीक्रेट एजेंट', फ्रांस की 'इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट', नॉर्वे की 'सेंटिमेंटल वैल्यू', स्पेन की 'सिरात' और ट्यूनिशिया की 'द वॉयस ऑफ हिंद राजब' शामिल हैं। विशाल का यह सकारात्मक रवैया युवाओं के लिए प्रेरणा है।
फिल्म में विशाल जेठवा के साथ कई कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। निर्देशक अमित शर्मा ने इस फिल्म को बेहद संवेदनशील अंदाज में पेश किया है। वहीं लेखन टीम ने कहानी को इस तरह गढ़ा कि यह दर्शकों के दिलों को छू सके। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर ने भी इसे एक अलग ऊंचाई दी।
विशाल जेठवा, जिन्हें पहले ‘मर्दानी 2’ में विलेन के किरदार से पहचान मिली थी, इस फिल्म में एक बिल्कुल अलग और भावनात्मक किरदार निभाते नजर आए। उनकी अदाकारी को समीक्षकों और दर्शकों ने खूब सराहा। यही वजह है कि ‘होमबाउंड’ को ऑस्कर तक भेजा गया।