International Awards: मणिपुरी भाषा में बनी फिल्म 'बूंग' ने 79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म का पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया। फरहान अख्तर द्वारा निर्मित इस फिल्म ने कई फिल्मों को पछाड़ते हुए जीत हासिल की। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय फिल्म ने ग्लोबली इतनी बड़ी जीत दर्ज की है। इससे पहले भी कई फिल्में इंटरनेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं।
एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर ने भारत का नाम रोशन किया है। ब्लॉकबस्टर हिट गीत नाटू नाटू 95वें अकादमी पुरस्कारों में ऑस्कर जीतने वाला पहला तेलुगु गीत बना। दो भारतीय विद्रोहियों, अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम के जीवन पर आधारित यह फिल्म ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी।
डैनी बॉयल की फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर मुंबई की झुग्गी बस्ती के एक युवक की दिलचस्प कहानी है, जो तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए एक गेम शो जीतता है। ए. आर. रहमान और गुलज़ार के गाने जय हो ने सर्वश्रेष्ठ ऑरिजनल म्यूजिक और बेस्ट सॉन्ग के लिए रिकॉर्ड बनाए।
कार्तिकी गोंसाल्वेस और गुनीत मोंगा की डॉक्यूमेंट्री साउथ इंडिया के हरे-भरे माहौल की पृष्ठभूमि में एक अनाथ हाथी और उसके देखभालकर्ताओं के बीच के अद्भुत लगाव को खूबसूरती से दर्शाती है। प्रेम और संरक्षण की इस मार्मिक कहानी ने दुनिया भर के दर्शकों को दीवान कर दिया है। इस फिल्म ने 2023 में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का अकादमी पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया।
रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी की बायोपिक है, जो महात्मा गांधी के जीवन और भारतीय स्वतंत्रता के लिए उनके शांतिपूर्ण अभियान को दर्शाती है। भानु अथैया ने अपने शानदार कॉस्ट्यूम डिज़ाइन के लिए 1983 में भारत का पहला ऑस्कर जीता था।
मीरा नायर ने वेश्याओं और बेघर बच्चों के विषय पर बनाई इस फिल्म को दुनियाभर के दर्शकों के सामने पेश किया। उनके इस काम के लिए फिल्म को कान फिल्म महोत्सव में कैमरा डी'ओर और ऑडियंस पुरस्कार मिला था।