जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने डिजिटल दुनिया की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने बताया कि आज सोशल मीडिया के दौर में स्टार्स जितनी तेजी से लोकप्रिय होते हैं, उतनी ही तेजी से उनकी निजी जिंदगी और छवि पर असर डालने वाली घटनाएं भी सामने आने लगती हैं। कई बार ऐसी चीजें सामने आती हैं, जिनका सच से कोई लेना-देना नहीं होता, लेकिन उनका असर गहरा होता है। जाह्नवी के मुताबिक, इंटरनेट पर फैलने वाली गलत जानकारी और एडिटेड तस्वीरें किसी भी व्यक्ति की इमेज को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
खासकर सेलिब्रिटीज के लिए यह चुनौती और भी बड़ी हो जाती है, क्योंकि हर चीज तेजी से वायरल होती है। उनका यह अनुभव इस बात की ओर इशारा करता है कि डिजिटल दुनिया में सावधानी और जागरूकता कितनी जरूरी है।
15 साल की उम्र में चौंकाने वाला अनुभव
जाह्नवी कपूर ने खुलासा किया कि जब वह महज 15 साल की थीं, तब उन्हें अपनी ही तस्वीर एक अश्लील वेबसाइट पर दिखी। यह घटना उनके स्कूल के दौरान हुई, जब आईटी क्लास में कुछ स्टूडेंट्स मजाक में ऐसी साइट्स खोलते थे और वहीं उनकी तस्वीर सामने आई, जिसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया था।
AI और डीपफेक का खतरनाक खेल
एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि वह तस्वीर डीपफेक थी या एडिटेड, लेकिन यह साफ था कि उसमें उनकी इमेज के साथ छेड़छाड़ की गई थी। आज भी इंटरनेट पर उनकी कई ऐसी तस्वीरें मौजूद हैं, जो पूरी तरह AI से बनाई गई हैं और जिनका असलियत से कोई संबंध नहीं है।
इमेज पर पड़ता है गहरा असर
के मुताबिक, ऐसी फर्जी तस्वीरें उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर असर डालती हैं। इससे लोगों के मन में गलत धारणा बनती है और भविष्य में काम के दौरान उनकी पसंद-नापसंद पर भी सवाल उठ सकते हैं।
डिजिटल दुनिया की सच्चाई और सीख
इस पूरे अनुभव ने यह साफ कर दिया कि इंटरनेट पर नैतिकता की कमी किस हद तक बढ़ चुकी है। जाह्नवी कपूर मानती हैं कि इस तरह की घटनाएं मानसिक रूप से भी प्रभावित करती हैं और इससे निपटने के लिए जागरूकता और सख्त कदम बेहद जरूरी हैं।