बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने हाल ही में अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन के बाद के उन काले दिनों को याद किया है, जब उन्हें न केवल व्यक्तिगत क्षति का सामना करना पड़ा, बल्कि दुनिया के कठोर नजरिए ने उनके घावों को और गहरा कर दिया था। फरवरी 2018 में श्रीदेवी के अचानक चले जाने ने जान्हवी की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया था, लेकिन उस दौरान हुई 'पब्लिक स्क्रूटनी' ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था।
'मैं खुद के फैसले लेना नहीं जानती थी'
एक हालिया बातचीत में जान्हवी ने स्वीकार किया कि वह अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर थीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं पूरी तरह से उन पर टिकी हुई थी। मैंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। क्या पहनना है, क्या करना है, क्या सही है और क्या गलत हर छोटी-बड़ी चीज के लिए मैं उन पर निर्भर थी।" मां के जाने के बाद जान्हवी को अचानक से एक ऐसी दुनिया में अकेले छोड़ दिया गया, जहां उन्हें रातों-रात बड़ा होना पड़ा और अपनी पहचान खुद बनानी पड़ी।
जान्हवी के लिए सबसे कठिन दौर वह था जब उनके निजी शोक को दुनिया की नजरों से तौला जा रहा था। उन्होंने बताया कि उस समय लोग उनकी हर प्रतिक्रिया का विश्लेषण कर रहे थे। जान्हवी ने साझा किया, "ऐसे समय में जब दुनिया आपको टुकड़ों में बांटने की कोशिश कर रही होती है, लोग कहते थे 'वह बहुत मुस्कुरा रही है' या 'वह पर्याप्त दुखी नहीं दिख रही है'।" अभिनेत्री के अनुसार, उनके चुप रहने या मुस्कुराने, हर चीज को गलत तरीके से पेश किया गया। लोगों के इस जजमेंट ने उन्हें यह सिखाया कि बाहरी दुनिया की राय से प्रभावित होने के बजाय उन्हें अपनी आंतरिक शक्ति पर ध्यान देना होगा।
अपनी मां को याद करते हुए जान्हवी ने उन्हें परिवार का 'इमोशनल एंकर' बताया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की खुशियों और मजबूती की सबसे बड़ी वजह श्रीदेवी ही थीं। उनके जाने के बाद न केवल जान्हवी, बल्कि उनके पिता बोनी कपूर और पूरे परिवार की गतिशीलता बदल गई। जान्हवी ने खुलासा किया कि उन्हें कभी भी निजी तौर पर शोक मनाने का मौका नहीं मिला, क्योंकि मीडिया और सार्वजनिक आयोजनों ने उनके दर्द को एक चर्चा का विषय बना दिया था।
इतने उतार-चढ़ावों के बावजूद जान्हवी ने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित किया है। वह हाल ही में 'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी' में नजर आई थीं और अब वह अपनी अगली बड़ी फिल्म 'पेड्डी' (Peddi) की तैयारी कर रही हैं, जिसमें वह साउथ सुपरस्टार राम चरण के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। जान्हवी की यह यात्रा दर्शाती है कि कैसे उन्होंने गहरे शोक और आलोचनाओं को अपनी ताकत बनाया और आज वह एक स्वतंत्र और सफल अभिनेत्री के रूप में खड़ी हैं।