मशहूर पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर जैस्मीन सैंडलस इन दिनों अपनी प्रोफेशनल कामयाबी के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में अपनी शानदार गायकी से चार्टबस्टर पर कब्जा करने वाली जैस्मीन ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर का खुलासा किया है। इस बातचीत में उन्होंने न केवल अपनी सफलता, बल्कि शराब की लत और अपने टूटे हुए बचपन के बारे में भी बेबाकी से बात की।
सफलता के पीछे छिपा गहरा अकेलापन
जैस्मीन ने बताया कि जब वह सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही थीं और दुनिया उन्हें एक मशहूर सिंगर के रूप में देख रही थी, उस वक्त उनके भीतर एक गहरा खालीपन था। उन्होंने स्वीकार किया कि करीब 2-3 साल का समय ऐसा था जब वह अपनी भावनाओं को संभालने के लिए शराब का सहारा लेने लगी थीं। जैस्मीन कहती हैं, "मैंने उस दौरान अपनी जरूरत से कहीं ज्यादा शराब पी और आज मुझे उन विकल्पों पर पछतावा है। लेकिन उस वक्त के हालात ऐसे थे कि मुझे वो सब करना पड़ा।"
सिंगर ने अपनी इस हालत के पीछे के कारणों पर चर्चा करते हुए बताया कि उनका बचपन काफी मुश्किलों भरा रहा। उन्होंने साझा किया कि उनके माता-पिता ने अनजाने में कई बार उनका दिल दुखाया, जिसका दर्द आज भी उनके भीतर एक टीस की तरह बना हुआ है। जैस्मीन के मुताबिक, जब उनके पिता का निधन हुआ और उसी दौरान उनका परिवार बिखरने लगा, तो उस तनाव और 'फेमस' होने के दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "जब एक बच्चे का दिल टूटता है, तो वह हमेशा के लिए टूटा ही रह जाता है। मेरे पास कोई सुरक्षित जगह नहीं थी जहाँ मैं भागकर जा सकूं, इसलिए मैं हर चीज में अपना घर ढूंढती रही।"
'धुरंधर' की सफलता और भविष्य की राह
अपनी व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद, जैस्मीन का करियर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। फिल्म 'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' में उनके गानों जैसे 'शरारत', 'मैं और तू', और 'आरी आरी' ने धूम मचा दी है। उन्होंने म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव के काम की तारीफ करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने कड़ी मेहनत से इस एल्बम को हिट बनाया।