पॉपुलर पंजाबी सिंगर जैस्मिन संदलास ने 9 फरवरी 2026 को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अपने हाई-एनर्जी कॉन्सर्ट के बीच गायन अचानक रोक दिया। ‘धुरंधर’ फिल्म के हिट ट्रैक ‘शरारत’ से सुर्खियों में आईं जैस्मिन ने स्टेज से ही दो पुरुषों को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते देखा और सिक्योरिटी को हटाने का सख्त आदेश दिया। उनका यह साहसी कदम वायरल वीडियो बन गया, जिसमें वे कहती नजर आईं, "सिक्योरिटी, इन दोनों को हटा दो! कुदियां तंग कर रहे हैं। महिलाएं सेफ फील न करें तो मैं गाना जारी नहीं रखूंगी।" भीड़ से खूब तालियां बजीं।
कॉन्सर्ट में ‘नशा’, ‘इल्लीगल वेपन 2.0’, ‘यार ना मिले’, ‘गुलाबी क्वीन’ जैसे हिट गाने गूंज रहे थे। अचानक जैस्मिन रुक गईं और कहा, "मैं यहीं खड़ी रहूंगी जब तक समस्या हल न हो।" सिक्योरिटी ने दोनों को बाहर निकाला, तब जाकर शो आगे बढ़ा। ‘शरारत’ पर एक्टर्स आयशा खान को स्टेज पर बुलाया, जिससे माहौल जोश से भर गया। यह जैस्मिन का दिल्ली में दूसरा ऐसा विवादास्पद पल था 2023 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा दी।
सोशल मीडिया पर फैंस ने जैस्मिन की तारीफों के पुल बांधे। टिप्पणियां जैसे "रियल क्वीन प्रोटेक्ट करती है", "अब्सोल्यूट रिस्पेक्ट", "वुमन स्टैंडिंग फॉर वुमन" ट्रेंड करने लगीं। एक यूजर ने लिखा, "कॉन्सर्ट से ज्यादा महत्वपूर्ण महिलाओं की सुरक्षा।" आयशा खान ने भी स्टेज शेयर किया, जो खास रहा। HT सिटी अनवाइंड फूड एंड म्यूजिक कार्निवाल का हिस्सा यह इवेंट हजारों लोगों से खचाछिप्पुर था।
जैस्मिन का यह स्टैंड न सिर्फ कॉन्सर्ट इंडस्ट्री बल्कि पूरे समाज के लिए मिसाल है। वे अमेरिका बेस्ड हैं, लेकिन बॉलीवुड हिट्स से भारतीय फैंस की चहेती बनीं। उनका संदेश साफ है सुरक्षा पहले, शो बाद में। यह घटना महिला सशक्तिकरण की जीत दिखाती है, जहां एक आर्टिस्ट ने अपनी आवाज उठाकर बदलाव लाया। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि जैस्मिन का टूर बिना रुकावट चले और संगीत फिर धूम मचाए।
जस्मीन सैंडलस, जो “धुरंधर” फिल्म के गानों और “Illegal Weapon 2.0” जैसी हिट ट्रैक्स के लिए जानी जाती हैं, अपने बोल्ड अंदाज़ और बेबाकी के लिए मशहूर हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि वे सिर्फ गानों से ही नहीं, बल्कि अपने रवैये से भी लोगों के दिल जीत लेती हैं।
कॉन्सर्ट में मौजूद महिलाओं ने राहत की सांस ली और कई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जस्मीन ने उनकी आवाज़ बनकर उन्हें सुरक्षित महसूस कराया। यह कदम न सिर्फ एक शो को रोकने का था, बल्कि एक संदेश था – मनोरंजन से बढ़कर इंसानियत और सुरक्षा है।