मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक इवेंट के दौरान उन्होंने बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जावेद अख्तर ने न केवल फिल्म की जमकर तारीफ की, बल्कि इंडस्ट्री में आजकल फिल्मों को 'प्रोपोगेंडा' कहे जाने के चलन पर भी अपनी बात रखी।
'धुरंधर' को बताया एक शानदार फिल्म
कोलकाता में एक अवॉर्ड शो के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि उन्हें आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर' बेहद पसंद आई। उन्होंने फिल्म की सराहना करते हुए इसे एक "बेहतरीन फिल्म" करार दिया। हालांकि, उन्होंने अपनी पसंद जाहिर करते हुए यह भी कहा, "मुझे फिल्म का पहला भाग दूसरे भाग की तुलना में ज्यादा पसंद आया।"
प्रोपोगेंडा फिल्मों के विवाद पर बेबाक राय
पिछले कुछ समय से कई फिल्मों को 'प्रोपोगेंडा' कहकर उनकी आलोचना की जा रही है। इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि वह इस लेबल से सहमत नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि हर कहानी का अपना एक नजरिया और विचारधारा होती है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "मुझे नहीं पता कि प्रोपोगेंडा फिल्मों से आपका क्या मतलब है। हर कहानी कोई न कोई पक्ष लेती है। क्या कोई नैरेटिव सिर्फ इसलिए प्रोपोगेंडा बन जाता है क्योंकि वह दर्शकों के एक खास वर्ग को पसंद नहीं आता?" उन्होंने आगे कहा कि हर फिल्म निर्माता को अपनी बात रखने का हक है। उनके अनुसार, फिल्म की कहानी भले ही काल्पनिक हो, लेकिन उसमें लेखक या निर्देशक की विचारधारा कहीं न कहीं झलकती ही है।
बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर 2' का जलवा
बता दें कि 'धुरंधर' की सफलता के बाद इसका सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' भी सिनेमाघरों में तहलका मचा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म ने महज एक हफ्ते में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही यह 'पठान', 'जवान' और 'दंगल' जैसी बड़ी फिल्मों को पछाड़कर सबसे कम समय में इतनी कमाई करने वाली 5वीं हिंदी फिल्म बन गई है।