Heri Sakhi Mangal Gaao Ri: कैलाश खेर के गानों की दुनिया दीवानी हैं। 'जय-जयकारा' से लेकर तक हेरी सखी तक उन्होंने कई फेमस गाने गाए और बनाए हैं। सिंगर के गाने लोगों के दिल को छू जाते हैं। पर उनका हेरी सखी मंगल गाओ री...हर दुल्हन का पसंदीदा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका ताल्लुख मौत से हैं। जी हां, ये गाना मौत से जुड़ा हुआ है।
कैलाश खेर ने यह गाना अपने पिता के निधन के बाद लिखा था। कैलाश की मां का निधन पहले ही चुका था। इसके बाद उनके पिता का निधन हुआ। सिंगर ने ये गाना फिर अपनी मां की खुशी के इजहार के चलते लिखा था, कि कैसे अब उनकी मां अपने पति का स्वागत स्वर्ग में किया होगा। ये गाना उनकी मां की सालों बाद स्वर्ग में अपने पति से मिलन को बताता है।
हेरी सखी मंगल गावो री,धरती अम्बर सजाओ री,उतरेगी आज मेरे पिया की सवारी,हेरी कोई काजल लाओ री,मोहे काला टीका लगाओ री,उनकी छब से दिखूं में तो प्यारी,लक्ष्मी जी वारो , नजर उतारो,आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥
खेर ने 2009 में ये गाना लिखा था। अब ये बात जानने के बाद कई लोग सोच रहे होंगे कि क्या इस गाने को शादी में बजाना अपशगुन होता है। तो ऐसा जरा भी नहीं है। ये नजरिए पर निर्भर एक गाना है। क्योंकि है तो ये दो प्यार करने वालों के मिलन को दर्शता है। इसका एक पौराणक अर्थ भी है, जो किसी भक्त का अपने भगवान से मिलने का जश्न मनाता है। ये गाना किसी भी तरीके से अशुभ नहीं है।