करण जौहर ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बॉलीवुड के इतिहास से जुड़े एक यादगार पल को फिर से ताजा किया। यह किस्सा उस दौर का है, जब वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रहे थे। उस समय करण, आदित्य चोपड़ा के साथ असिस्टेंट के रूप में काम कर रहे थे और फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की शूटिंग जोरों पर थी। सेट पर काम करना उनके लिए सीखने का बड़ा मौका था, लेकिन साथ ही हर दिन नई चुनौतियां भी सामने आ रही थीं। इसी दौरान फिल्म के सबसे लोकप्रिय और आइकॉनिक गानों में से एक मेहंदी लगा के रखना की शूटिंग चल रही थी, जिसे आज भी दर्शक बड़े चाव से देखते हैं।
करण ने बताया कि उस समय सेट का माहौल काफी व्यस्त और दबाव भरा रहता था, जहां छोटी-सी गलती भी बड़ी परेशानी बन सकती थी। ये अनुभव न सिर्फ उनके करियर के शुरुआती संघर्ष को दिखाता है, बल्कि ये भी बताता है कि कैसे पर्दे के पीछे कई अनसुनी कहानियां छिपी होती हैं, जो समय के साथ दिलचस्प यादों में बदल जाती हैं।
शूटिंग के बीच खड़ी हुई बड़ी परेशानी
शूटिंग के दौरान अचानक बैकग्राउंड डांसर्स के लिए लाल दुपट्टों की कमी पड़ गई। आखिरी वक्त में ये जिम्मेदारी करण पर आ गई, जिससे सेट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालात संभालने के लिए करण ने कोरियोग्राफर सरोज खान की असिस्टेंट से बात की और सुझाव दिया कि कुछ डांसर्स एक हाथ जेब में रखें, ताकि स्टेप स्टाइलिश लगे और कमी छुप जाए।
सरोज खान की एंट्री से बढ़ा तनाव
जैसे ही सरोज खान सेट पर पहुंचीं, उन्होंने तुरंत गड़बड़ी पकड़ ली। मामला समझ में आते ही वो करण पर नाराज हो गईं और शूटिंग रोकने की बात कह दी।
डांट के साथ मिली बड़ी सीख
करण ने बताया कि उस दिन वो बेहद डर गए थे, लेकिन इस घटना से उन्हें प्रोफेशनलिज्म और जिम्मेदारी की अहम सीख मिली। उन्होंने सरोज खान को सख्त लेकिन अपने काम में बेहतरीन कोरियोग्राफर बताया।
करण ने बताया कि उस वक्त सरोज खान ने उन्हें सच में धक्का दिया था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा था कि चाहे कहीं भी जाना पड़े, गोरेगांव जाकर लाल कपड़ा लेकर आओ, वरना शूटिंग नहीं होगी। करण ने कहा कि आज भी उन्हें गोरेगांव की गलियों में “लाल कपड़ा, लाल कपड़ा” चिल्लाते दौड़ने का दृश्य याद है। उस समय वह बहुत डर गए थे और पूरी तरह घबरा गए थे। उनके लिए वह पल बेहद तनाव भरा था। करण ने यह भी माना कि सरोज खान अपने काम में बेहतरीन थीं, लेकिन किसी वजह से वह उन्हें कभी पसंद नहीं करती थीं।