बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने ओटीटी पर धमाल मचा दिया है। उनकी नई वेब सीरीज 'मिसेज देशपांडे' फ्रेंच हिट 'ला मांटे' की भारतीय रीमेक है, जो जियोहॉटस्टार पर 19 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई। नागेश कुकूनूर के डायरेक्शन में बनी यह 6 एपिसोड वाली क्राइम थ्रिलर दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
कहानी 25 साल पुरानी सीरियल किलर मिसेज देशपांडे (माधुरी दीक्षित) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हैदराबाद की जेल में बंद है। मुंबई में नई हत्याएं शुरू हो जाती हैं, जो उसके पुराने अंदाज की नकल हैं । हरे रस्सी से गला घोंटना, ट्रॉफी हाथ में थमाना और आंखें चिपका देना। सीनियर IPS अरुण खत्री (प्रियांशु चटर्जी) उसे कॉपीकैट कैच करने के लिए बुलाते हैं। लेकिन ट्विस्ट यह कि वह सिर्फ इंस्पेक्टर तेजस फडके (सिद्धार्थ चंदेकर) के साथ काम करेगी, जो अनजाने में उसका अपना बेटा है। जेल से सेफहाउस तक का सफर मनोवैज्ञानिक गहराई से भरा है।
माधुरी ने सीरियल किलर का किरदार इतनी बखूबी निभाया कि लगता है रहस्य उनकी सांसों में बसा है। उनकी नजरों में छिपी चालाकी और संयम दर्शकों को कन्फ्यूज कर देगा कि डरें या सपोर्ट करें? सिद्धार्थ ने तेजस के फैमिली मैन से ब्रोकन हीरो तक का सफर जीवंत किया। दीक्षा जुनेजा (तन्वी), निमिषा नायर (दिव्या) और प्रदीप वेलणकर (अजोबा) ने सपोर्टिंग रोल्स में जान फूंकी। प्रियांशु और कविन दवे ने भी इम्प्रेस किया।
नागेश कुकुनूर ने कहानी को बेहद सस्पेंस और टेंशन के साथ बुना है। छह एपिसोड्स की यह सीरीज दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। हालांकि कुछ समीक्षाओं में कहा गया है कि शो कहीं-कहीं थोड़ा लंबा खिंचता है, लेकिन माधुरी का अभिनय इसे संभाल लेता है।
नागेश कुकूनूर ने 'सिटी ऑफ ड्रीम्स' स्टाइल में पेस बनाए रखा, बिना फिलर एपिसोड्स के। टपस रेलिया का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमेटोग्राफी सस्पेंस को बढ़ाती है। भारतीय संदर्भ में एडॉप्टेशन शानदार - सेक्शुअल अब्यूज, ट्रॉमा, मदरहुड जैसे मुद्दे बिना लेक्चर के बुने गए हैं। हां, कुछ क्लिशे ट्रॉप्स हैं, लेकिन ओवरऑल ग्रिपिंग सिरीज है। रिव्यूज में 4.1/5 रेटिंग मिल रही है।